मेघालय हनीमून मर्डर केस: आरोपी पत्नी की जमानत के खिलाफ याचिका पर 21 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई

सुप्रीम कोर्ट आगामी 21 जुलाई को मेघालय सरकार की उस याचिका पर सुनवाई करेगा, जिसमें हनीमून के दौरान पति की हत्या की आरोपी सोनम रघुवंशी को मिली जमानत को चुनौती दी गई है। जस्टिस एम. एम. सुंदरेश और जस्टिस पी. बी. वराले की पीठ ने मंगलवार को इस मामले की सुनवाई के लिए यह तारीख तय की।

मंगलवार को हुई अदालती कार्यवाही के दौरान, मेघालय सरकार का पक्ष रख रहे सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने मामले को उसी दिन दोपहर 2 बजे की शिफ्ट में सुनने का अनुरोध किया था। हालांकि, आरोपी के वकील ने सुनवाई को अगले सप्ताह तक टालने का आग्रह किया, जिसे स्वीकार करते हुए पीठ ने अगली तारीख 21 जुलाई तय कर दी।

अरेस्ट मेमो में टाइपिंग की गलती पर कानूनी विवाद

इस मामले में मुख्य कानूनी विवाद अरेस्ट मेमो में हुई एक लिपिकीय त्रुटि (टाइपिंग की गलती) से जुड़ा हुआ है। सुप्रीम कोर्ट ने 9 जुलाई को हुई पिछली सुनवाई के दौरान संकेत दिया था कि वह इस सवाल को एक बड़ी पीठ (लार्जर बेंच) के पास भेज सकता है कि क्या किसी अरेस्ट मेमो में गलत कानूनी धारा लिखे जाने मात्र से गिरफ्तारी को अवैध मानकर आरोपी को जमानत दी जा सकती है।

इससे पहले, मेघालय हाईकोर्ट ने आरोपी सोनम रघुवंशी की जमानत रद्द करने की राज्य सरकार की याचिका खारिज कर दी थी। हाईकोर्ट ने ट्रायल कोर्ट द्वारा 27 अप्रैल को मंजूर की गई जमानत को बरकरार रखा था। हाईकोर्ट का कहना था कि पुलिस आरोपी को गिरफ्तारी का उचित लिखित आधार देने में पूरी तरह विफल रही। अरेस्ट मेमो तैयार करने के तरीके से साफ है कि इसमें न्यायिक विवेक का बिल्कुल इस्तेमाल नहीं किया गया, क्योंकि मेमो में हत्या की सजा से संबंधित भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103(1) के स्थान पर गलती से धारा 403 लिख दिया गया था, जो इस संदर्भ में अस्तित्व में ही नहीं है।

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दूसरी ओर, सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता का तर्क है कि यह महज एक टाइपिंग की भूल थी और इतने गंभीर हत्याकांड में सिर्फ इस आधार पर गिरफ्तारी को अवैध नहीं ठहराया जा सकता। इससे पहले, 3 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट की एक अन्य पीठ ने हाईकोर्ट के इस जमानत आदेश पर तुरंत रोक लगाने से इनकार कर दिया था।

हनीमून के दौरान हुई थी कारोबारी की हत्या

यह पूरा मामला मध्य प्रदेश के इंदौर निवासी कारोबारी राजा रघुवंशी की हत्या से जुड़ा है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, राजा रघुवंशी अपनी पत्नी सोनम रघुवंशी के साथ मेघालय के सोहरा इलाके में छुट्टियां मनाने गए थे, जहां से 23 मई 2025 को दोनों संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गए थे। इसके बाद, 2 जून 2025 को पुलिस ने राजा रघुवंशी का शव एक गहरी खाई से बरामद किया था।

जांच के बाद पुलिस ने सोनम रघुवंशी को गिरफ्तार किया था। पुलिस का आरोप है कि सोनम ने वित्तीय लाभ के उद्देश्य से भाड़े के हत्यारों (सुपारी किलर्स) के साथ मिलकर अपने पति की हत्या की साजिश रची थी।

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