कर्नाटक के चिक्कबल्लापुर में एक 65 वर्षीय महिला को अदालत परिसर के भीतर कथित रूप से तंत्र-मंत्र करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। पुलिस का आरोप है कि महिला ने अपने परिवार से जुड़े लंबित दीवानी मुकदमे का फैसला अपने पक्ष में कराने की उम्मीद में अदालत के न्यायाधीश की कुर्सी और मंच पर सफेद सरसों के दाने बिखेरे।
पुलिस के अनुसार, यह घटना 9 जुलाई को सुबह करीब 9:40 बजे चिक्कबल्लापुर स्थित प्रथम अतिरिक्त वरिष्ठ सिविल न्यायाधीश एवं न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी की अदालत में हुई। जांच के दौरान सीसीटीवी फुटेज की समीक्षा और अदालत प्रशासन की शिकायत के आधार पर 11 जुलाई को मंजुला को गिरफ्तार किया गया।
गिरफ्तारी के बाद मंजुला को संबंधित अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
अदालत प्रशासन की शिकायत पर दर्ज हुआ मामला
अदालत के मुख्य प्रशासनिक अधिकारी नेत्रा द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत में कहा गया कि मंजुला खुले कोर्टरूम में दाखिल हुई और कथित तौर पर न्यायाधीश की कुर्सी तथा मंच पर सफेद सरसों के दाने बिखेरे। अदालत प्रशासन के अनुसार, यह कथित तंत्र-मंत्र की प्रक्रिया का हिस्सा था।
बाद में अदालत के कर्मचारियों ने कुर्सी और मंच पर पड़े सफेद सरसों के दाने देखे। इसके बाद कोर्टरूम के सीसीटीवी फुटेज की जांच की गई, जिसमें मंजुला के अंदर जाकर दाने बिखेरने का कथित दृश्य सामने आया। इसके आधार पर चिक्कबल्लापुर टाउन पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई।
परिवार के लंबित दीवानी मुकदमे से जुड़ा मामला
जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि मंजुला के परिवार से संबंधित एक दीवानी विवाद इसी अदालत में लंबित है। पुलिस का कहना है कि प्रारंभिक जांच में यह सामने आया है कि महिला ने कथित रूप से यह तंत्र-मंत्र इस उम्मीद में किया कि मुकदमे का फैसला उसके परिवार के पक्ष में आए।
पुलिस के अनुसार, मंजुला के भाई वेंकटरामा इस लंबित दीवानी मुकदमे में तीसरे प्रतिवादी हैं। हालांकि, जांच एजेंसियों ने विवाद की प्रकृति या मुकदमे से जुड़ी अन्य जानकारी सार्वजनिक नहीं की है।
ब्लैक मैजिक कानून के तहत मामला दर्ज
पुलिस ने मंजुला के खिलाफ कर्नाटक प्रिवेंशन एंड इरैडिकेशन ऑफ इनह्यूमन ईविल प्रैक्टिसेज एंड ब्लैक मैजिक एक्ट, 2017 के तहत मामला दर्ज किया है। मामले की जांच जारी है।

