जन नायकन’ पायरेसी मामला: मद्रास हाईकोर्ट ने आरोपी को दी अग्रिम जमानत, कहा- अंतिम रिपोर्ट दर्ज होने के बाद हिरासत जरूरी नहीं

मद्रास हाईकोर्ट ने तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय (थलपति) की फिल्म ‘जन नायकन’ के ऑनलाइन लीक और पायरेसी मामले में एक आरोपी को अग्रिम जमानत दे दी है। अदालत ने स्पष्ट किया कि पुलिस द्वारा मामले में अंतिम जांच रिपोर्ट अदालत में पेश की जा चुकी है, इसलिए अब आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ करने की कोई आवश्यकता नहीं है।

अदालत की टिप्पणियां और जमानत का आधार

जस्टिस सी. कुमारप्पन की पीठ ने 22 जुलाई को इस मामले पर सुनवाई करते हुए अग्रिम जमानत मंजूर की। हाईकोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि याचिकाकर्ता पर प्राथमिक आरोप केवल अवैध रूप से लीक हुई फिल्म को देखने का है, और इसके अलावा उसकी किसी गंभीर आपराधिक भूमिका का उल्लेख नहीं है।

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पीठ ने यह भी रेखांकित किया कि आरोपी ने जांच प्रक्रिया में लगातार सहयोग किया है। मामले की शुरुआत में उसे आरोपी नहीं बनाया गया था, बल्कि उसने एक अन्य आरोपी की गिरफ्तारी के समय गवाह के रूप में पुलिस की मदद भी की थी। अदालत ने माना कि आरोपी के फरार होने या गवाहों को प्रभावित करने की आशंका सही नहीं है। इसके अलावा, 11 अप्रैल को हुई इस घटना में शामिल अन्य सह-आरोपियों को पहले ही जमानत मिल चुकी है।

बचाव पक्ष की दलीलें

आरोपी की तरफ से पेश वकील सी.ए. अनबुराजा ने अदालत को बताया कि उनके मुवक्किल को बिना किसी ठोस सबूत के केवल फिल्म देखने के असत्यापित दावे के आधार पर बाद के चरण में आरोपी बनाया गया। उन्होंने कहा कि शुरुआती मुख्य आरोप फिल्म के संपादक (एडिटर) पर लगाए गए थे, जिन्हें बाद में जांच से मुक्त कर दिया गया।

बचाव पक्ष के वकील ने यह भी तर्क दिया कि पुलिस बिना पूर्व नोटिस दिए याचिकाकर्ता को गिरफ्तार करने का प्रयास कर रही है, जबकि जांच पूरी होने के बाद अंतिम रिपोर्ट दाखिल की जा चुकी है और मुख्य सह-आरोपियों में से एक पहले से ही जमानत पर बाहर है।

अभियोजन पक्ष का विरोध

राज्य सरकार का पक्ष रख रहे सरकारी वकील अरुण अनबुमनी ने अग्रिम जमानत याचिका का विरोध करते हुए आरोपी को पायरेसी नेटवर्क के मुख्य सूत्रधारों में से एक बताया।

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अभियोजन पक्ष का कहना था कि पुलिस द्वारा अदालत में जमा की गई रिपोर्ट महज एक ‘प्रारंभिक’ आरोप पत्र है। उन्होंने तर्क दिया कि अपराध में इस्तेमाल किए गए डिजिटल उपकरणों की बरामदगी के लिए आरोपी से हिरासत में पूछताछ आवश्यक है।

मामले की पृष्ठभूमि

यह पूरा मामला 11 अप्रैल का है, जब थलपति विजय अभिनीत फिल्म ‘जन नायकन’ के थिएटर्स में रिलीज होने से पहले ही उसके लीक हुए हिस्सों को जोड़कर पूरी फिल्म बना ली गई थी। इसके बाद इसे ‘तमिलरॉकर्स’ जैसी पायरेसी वेबसाइटों और अन्य ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर अपलोड कर दिया गया था। मामले में पुलिस ने आपराधिक साजिश, आपराधिक विश्वासघात और कॉपीराइट अधिनियम के उल्लंघन की धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया था।

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