जम्मू-कश्मीर और लद्दाख हाईकोर्ट में जजों की कमी को दूर करने की दिशा में एक बड़ा और ऐतिहासिक कदम उठाया गया है। हाईकोर्ट कोलेजियम ने बेंच में नियुक्ति के लिए 11 नामों की सिफारिश की है। यह क्षेत्र के न्यायिक इतिहास में पहली बार है जब एक साथ इतनी बड़ी संख्या में नियुक्तियों की प्रक्रिया शुरू की गई है। इन सिफारिशों में ‘बार कोटा’ से 10 वकील और ‘बेंच कोटा’ से एक न्यायिक अधिकारी का नाम शामिल है।
वर्तमान में, हाईकोर्ट में जजों के स्वीकृत 25 पदों के मुकाबले केवल 13 जज कार्यरत हैं, जिससे 12 पद खाली पड़े हैं। कोलेजियम की इस ताजा पहल का उद्देश्य इन रिक्तियों को भरकर न्यायपालिका को सशक्त बनाना है।
क्षेत्रीय संतुलन और सामाजिक विविधता पर जोर
सूत्रों के अनुसार, इन नामों का चयन एक विस्तृत और गहन परामर्श प्रक्रिया के बाद किया गया है। चयन के दौरान उम्मीदवारों की योग्यता, सत्यनिष्ठा और पेशेवर क्षमता को प्राथमिक आधार बनाया गया। इसके साथ ही, कोलेजियम ने क्षेत्रीय और सामाजिक प्रतिनिधित्व के संवैधानिक मूल्यों का भी विशेष ध्यान रखा है।
इस बार कश्मीर बार एसोसिएशन से जुड़े वकीलों के प्रतिनिधित्व पर विशेष जोर दिया गया है, क्योंकि ‘बार कोटा’ में लंबे समय से उनकी भागीदारी कम रही थी। इसके अलावा, लद्दाख के बौद्ध समुदाय और कश्मीरी पंडित समुदाय के उम्मीदवारों को शामिल करके समावेशी न्यायपालिका का संदेश देने का प्रयास किया गया है। सिफारिशों में अनुसूचित जाति (SC) और अनुसूचित जनजाति (ST) समुदायों के प्रतिनिधित्व का भी ख्याल रखा गया है।
महिला प्रतिनिधित्व: कश्मीर की बेटी रचेगी इतिहास
इस पूरी प्रक्रिया का सबसे उल्लेखनीय पहलू कश्मीर की महिला वकील तबसुम जफर का नाम प्रस्तावित होना है। यदि केंद्र सरकार और सुप्रीम कोर्ट कोलेजियम इन सिफारिशों को मंजूरी दे देते हैं, तो तबसुम जफर जम्मू-कश्मीर और लद्दाख हाईकोर्ट की जज बनने वाली कश्मीर क्षेत्र की पहली महिला वकील होंगी। इसे क्षेत्र में महिला सशक्तिकरण और न्यायिक सुधार के लिए एक मील का पत्थर माना जा रहा है।
प्रस्तावित उम्मीदवारों के नाम
‘बार कोटा’ से जिन 10 वकीलों के नामों की सिफारिश की गई है, वे हैं:
- विशाल शर्मा
- नामग्याल वांगचुक
- जहांगीर इकबाल गनई
- पवन कुमार कुंडल
- ताहिर माजिद शम्सी
- तबसुम जफर
- अनुपम रैना
- विक्रम कुमार शर्मा
- अमित गुप्ता
- प्रणव कोहली
वहीं, ‘बेंच कोटा’ से क्षेत्र के सबसे वरिष्ठ न्यायिक अधिकारी यश पॉल बोर्नी के नाम की सिफारिश की गई है। उनके लंबे न्यायिक अनुभव और उत्कृष्ट सेवा रिकॉर्ड को देखते हुए उन्हें इस पद के लिए उपयुक्त माना गया है।

