दक्षिण दिल्ली के मालवीय नगर स्थित एक गेस्ट हाउस में 23 लोगों की जान लेने वाले भीषण अग्निकांड के मुख्य आरोपी और संचालक लवकेश बजाज को दिल्ली हाईकोर्ट ने स्वास्थ्य कारणों के चलते चार सप्ताह की अंतरिम जमानत प्रदान की है। हाल ही में हुए पेट के एक बड़े ऑपरेशन और उसके बाद संभावित चिकित्सीय जटिलताओं को देखते हुए अदालत ने यह राहत दी है।
जस्टिस सचिन दत्ता की एकल पीठ ने मामले पर सुनवाई करते हुए यह आदेश पारित किया। पीठ ने स्पष्ट किया कि आरोपी को यह अंतरिम राहत केवल उसके स्वास्थ्य में सुधार और समुचित देखभाल के उद्देश्य से दी जा रही है। अदालत ने यह भी साफ कर दिया कि इस फैसले का मामले के कानूनी गुण-दोष से कोई सरोकार नहीं है और न ही अदालत ने इस संबंध में कोई अंतिम राय जाहिर की है।
ऑपरेशन के बाद चिकित्सीय देखरेख की आवश्यकता पर फैसला
अदालत के समक्ष पेश की गई मेडिकल रिपोर्ट के अनुसार, लवकेश बजाज के पेट का एक बड़ा ऑपरेशन 31 अगस्त को हुआ था। इसके बाद उन्हें 15 सितंबर को अस्पताल से छुट्टी (डिस्चार्ज) मिली थी।
रिकॉर्ड का अवलोकन करने के बाद हाईकोर्ट ने दर्ज किया कि डिस्चार्ज होने के बावजूद मरीज में सर्जरी के बाद होने वाली जटिलताओं का अंदेशा बना हुआ है, जिसके चलते लगातार चिकित्सीय निगरानी जरूरी है। पीठ ने कहा कि सर्जरी की गंभीरता और अस्पताल से डिस्चार्ज होने के बीच बीते बेहद कम समय को देखते हुए आरोपी को सीमित अवधि के लिए अंतरिम जमानत पर रिहा करना न्यायसंगत है, ताकि वह पर्याप्त रूप से स्वास्थ्य लाभ प्राप्त कर सके।
हादसे में 13 विदेशियों सहित 23 लोगों ने गंवाई थी जान
यह मामला मालवीय नगर के हौज रानी इलाके में संचालित ‘फ्लोरिश स्टेज़’ नामक बेड एंड ब्रेकफास्ट (बीएंडबी) गेस्ट हाउस से जुड़ा हुआ है। इसी साल जून के महीने में इस चार मंजिला प्रतिष्ठान में अचानक भीषण आग भड़क उठी थी। इस दर्दनाक हादसे में 13 विदेशी नागरिकों सहित कुल 23 अतिथियों की दम घुटने और झुलसने से मौत हो गई थी।
हादसे के तुरंत बाद दिल्ली पुलिस ने कार्रवाई करते हुए प्रतिष्ठान के मालिक लवकेश बजाज को गिरफ्तार कर लिया था। पुलिस ने मामले की विस्तृत जांच के बाद अदालत में आरोपपत्र (चार्जशीट) भी दाखिल कर दिया है। बजाज पर गैर-इरादतन हत्या (कल्पेबल होमीसाइड नॉट अमाउंटिंग टू मर्डर), आग से जानबूझकर क्षति पहुंचाने और ज्वलनशील पदार्थों के रख-रखाव में आपराधिक लापरवाही बरतने के गंभीर आरोप तय किए गए हैं।

