कर्नाटक हाईकोर्ट ने बेंगलुरु में पेइंग गेस्ट (पीजी) आवासों से जुड़े नियमों और सुरक्षा मानकों को सख्ती से लागू करने का निर्देश दिया है। ग्रेटर बेंगलुरु अथॉरिटी (GBA) ने कोर्ट को बताया कि बेंगलुरु ईस्ट में जांचे गए 5,000 पीजी में से 2,500 बिना उचित लाइसेंस, स्वीकृत बिल्डिंग प्लान और फायर सेफ्टी क्लीयरेंस के चल रहे हैं।
जस्टिस सूरज गोविंदराज की एकल पीठ पेइंग गेस्ट ओनर्स एसोसिएशन और कुछ व्यक्तिगत पीजी संचालकों की ओर से दायर याचिकाओं पर सुनवाई कर रही है। याचिकाओं में अधिकारियों द्वारा जारी नोटिस को चुनौती दी गई है।
10 सितंबर के अपने आदेश में हाईकोर्ट ने शहर में बड़ी संख्या में संचालित पीजी और उनमें रहने वाले लोगों की सुरक्षा को देखते हुए संबंधित अधिकारियों से दिशानिर्देशों का सख्ती से पालन कराने को कहा।
कोर्ट ने कहा कि पीजी केवल कानूनी रूप से अनुमत परिसरों में ही संचालित होने चाहिए। साथ ही उनकी स्थिति ऐसी होनी चाहिए जिससे वहां रहने वाले लोगों के जीवन, स्वास्थ्य, सुरक्षा और गरिमा की रक्षा हो। पड़ोस में रहने वाले लोगों, आसपास की संपत्तियों के मालिकों के वैध हितों और आम जनता की सुरक्षा का भी ध्यान रखा जाना चाहिए।
2,500 पीजी संचालकों को जारी किए जा रहे नोटिस
GBA की ओर से पेश एडवोकेट बी एस कार्तिकेयन ने हाईकोर्ट को बताया कि बेंगलुरु ईस्ट में अवैध पाए गए सभी 2,500 पीजी संचालकों को नोटिस जारी किए जा रहे हैं।
जिन इलाकों में जांच की गई उनमें व्हाइटफील्ड, महादेवपुरा, केआर पुरम, इंदिरानगर और सीवी रमन नगर शामिल हैं। इन क्षेत्रों में बड़ी संख्या में आईटी और बहुराष्ट्रीय कंपनियां स्थित हैं।
GBA ने कर्नाटक हाईकोर्ट के साथ-साथ संबंधित क्षेत्राधिकार वाले सिविल कोर्ट में भी कैविएट दाखिल किए हैं, ताकि पीजी संचालक अथॉरिटी का पक्ष सुने बिना एकतरफा अंतरिम रोक हासिल न कर सकें।
कार्तिकेयन ने बताया कि संबंधित पक्षों को सुनवाई का अवसर देने के बाद जल्द से जल्द आवश्यक आदेश पारित किए जाएंगे। जहां निर्माण जोनल रेगुलेशन या बिल्डिंग बायलॉज के उल्लंघन में पाए जाएंगे, वहां जरूरत पड़ने पर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई भी की जा सकती है।
पीजी की निगरानी को एक बार की प्रक्रिया न मानें: हाईकोर्ट
हाईकोर्ट ने अधिकारियों के लिए विस्तृत दिशानिर्देश जारी करते हुए कहा कि पीजी के लाइसेंस को केवल एक बार की प्रक्रिया मानकर मामला खत्म नहीं किया जा सकता। अधिकारियों को पीजी की पहचान, निरीक्षण, नियमों के अनुपालन और कार्रवाई के लिए लगातार जोखिम-आधारित व्यवस्था अपनानी चाहिए।
कोर्ट ने शहर में संचालित सभी पीजी आवासों का एक डिजिटल डेटाबेस तैयार करने का भी सुझाव दिया।
पीठ ने अधिकारियों को चेतावनी दी कि यदि नियमों का उल्लंघन सामने आने के बावजूद कार्रवाई नहीं की जाती है और कोई अप्रिय घटना होती है, तो संबंधित अधिकारियों को व्यक्तिगत रूप से जिम्मेदार ठहराया जा सकता है।
बेंगलुरु के बाकी चार कॉरपोरेशन में भी जांच
हाईकोर्ट ने फरवरी में पीजी आवासों के निरीक्षण का निर्देश दिया था, ताकि यह पता लगाया जा सके कि संचालक ट्रेड लाइसेंस जारी करने के लिए निर्धारित सभी दिशानिर्देशों का पालन कर रहे हैं या नहीं।
इसके बाद GBA ने शुरुआत में बेंगलुरु ईस्ट कॉरपोरेशन क्षेत्र में जांच अभियान चलाया। अब हाईकोर्ट के निर्देश पर इस अभियान को बाकी चार कॉरपोरेशन क्षेत्रों में भी बढ़ा दिया गया है।
इससे पहले कोर्ट को बताया गया था कि बेंगलुरु ईस्ट में बड़ी संख्या में पीजी कथित रूप से बिल्डिंग संबंधी नियमों, जोनिंग रेगुलेशन, फायर सेफ्टी प्रोटोकॉल और फूड सेफ्टी मानकों का पालन नहीं कर रहे हैं।

