सुप्रीम कोर्ट ने ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल कांग्रेस के तीन फ्रीज किए गए बैंक खातों से पार्टी के रोजमर्रा के परिचालन खर्चों को चलाने के लिए कुछ धनराशि जारी करने को लेकर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) से रुख स्पष्ट करने को कहा है। शीर्ष अदालत ने सुझाव दिया कि यह राशि हाईकोर्ट द्वारा नियुक्त विशेष अधिकारी के माध्यम से जारी की जा सकती है। ईडी का प्रतिनिधित्व कर रहे अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल एस वी राजू ने अदालत को बताया कि वह इस संबंध में केंद्रीय जांच एजेंसी से आवश्यक निर्देश प्राप्त करेंगे। जस्टिस एम एम सुंदरेश और जस्टिस पी बी वराले की पीठ ने मामले की अगली सुनवाई 11 अगस्त तय की है।
कर्मचारियों के वेतन और दैनिक खर्च पर गहराया संकट
शीर्ष अदालत तृणमूल कांग्रेस द्वारा कलकत्ता हाईकोर्ट के 20 जुलाई के फैसले के खिलाफ दायर याचिका पर सुनवाई कर रही थी। हाईकोर्ट ने ईडी द्वारा सीज किए गए पार्टी के तीन बैंक खातों को संचालित करने के लिए अंतरिम राहत देने से इनकार कर दिया था। इन तीनों खातों में कुल 440.42 करोड़ रुपये की राशि जमा है।
सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान तृणमूल कांग्रेस की ओर से पेश वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल ने कहा कि बैंक खाते सीज होने के कारण पार्टी अपने कर्मचारियों को वेतन तक देने में असमर्थ है। इसके साथ ही सिब्बल ने हाईकोर्ट के उस उल्लेख को तथ्यात्मक रूप से गलत बताया जिसमें कहा गया था कि तृणमूल कांग्रेस के पास 36 अन्य चालू बैंक खाते हैं जिनमें 164 करोड़ रुपये जमा हैं।
मनी लॉन्ड्रिंग की रोकथाम और जांच का तर्क
याचिका का विरोध करते हुए अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल एस वी राजू ने दलील दी कि इन खातों से जुड़े धन शोधन के मामलों की जांच अभी जारी है। उन्होंने कहा कि मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम कानून केवल अपराध होने के बाद कार्रवाई करने के लिए नहीं, बल्कि वित्तीय अनियमितताओं को रोकने के लिए भी लागू किया जाता है।
पार्टी के दैनिक प्रशासनिक कार्यों को सुचारू रखने के उद्देश्य से कलकत्ता हाईकोर्ट ने पूर्व में अपने एक पूर्व न्यायाधीश को विशेष अधिकारी नियुक्त किया था, ताकि आवश्यक खर्चों का प्रबंधन किया जा सके। इसी व्यवस्था के संदर्भ में सुप्रीम कोर्ट ने पूछा कि क्या विशेष अधिकारी को सीमित राशि जारी की जा सकती है।
अनियमित वित्तीय लेनदेन और संपत्ति खरीद का मामला
ईडी ने यह जांच पश्चिम बंगाल पुलिस द्वारा दर्ज उस एफआईआर के आधार पर शुरू की थी, जिसमें पार्टी खातों के माध्यम से कथित रूप से अवैध धन जुटाने, धोखाधड़ी वाले लेनदेन और संदिग्ध रकम के ट्रांसफर के आरोप लगाए गए थे। तृणमूल कांग्रेस ने हाईकोर्ट में ईडी द्वारा ईसीआईआर दर्ज किए जाने की पूरी प्रक्रिया को अलग से चुनौती दी है।
जांच अधिकारियों के शुरुआती निष्कर्षों के अनुसार, अप्रैल 2023 से जून 2026 के बीच तृणमूल कांग्रेस के बैंक खातों से लगभग 160 करोड़ रुपये केयरवेल एविएशन इंडिया प्राइवेट लिमिटेड और उसकी सहयोगी संस्था को ट्रांसफर किए गए थे। आरोप है कि केयरवेल एविएशन ने बाद में 82.96 करोड़ रुपये एक नई कंपनी में ट्रांसफर कर दिए। अधिकारियों के अनुसार, इस राशि में से 112 करोड़ रुपये का इस्तेमाल एम्ब्रेयर लेगेसी 600 बिजनेस जेट और अगस्तावेस्टलैंड 109एसपी हेलीकॉप्टर की खरीद के लिए किया गया था।

