केरल हाईकोर्ट ने पाला से विधायक मणि सी. कप्पन की विधानसभा सदस्यता रद्द करने की मांग को लेकर दायर याचिका पर राज्य सरकार, विधानसभा अध्यक्ष और भारत निर्वाचन आयोग से जवाब मांगा है। मुंबई की एक अदालत द्वारा चेक बाउंस के मामलों में विधायक को सजा सुनाए जाने के बाद उनकी अयोग्यता घोषित करने के लिए यह याचिका दाखिल की गई है।
जस्टिस बेचू कुरियन थॉमस की पीठ ने सोमवार को राज्य सरकार, विधानसभा अध्यक्ष तिरुवंचूर राधाकृष्णन, भारत निर्वाचन आयोग और केरल डेमोक्रेटिक पार्टी के विधायक मणि सी. कप्पन को नोटिस जारी करते हुए अपना रुख स्पष्ट करने को कहा। हाईकोर्ट ने इस मामले की अगली सुनवाई 22 सितंबर को निर्धारित की है।
मुंबई अदालत के फैसले के बाद अयोग्यता की मांग
यह याचिका महाराष्ट्र के निवासी दिनेश मेनन ने दायर की है। याचिका के अनुसार, मुंबई की एक अदालत ने 1 सितंबर को चेक बाउंस के चार अलग-अलग मामलों में मणि सी. कप्पन को कुल मिलाकर साढ़े तीन साल के कारावास की सजा सुनाई थी।
याचिकाकर्ता ने तर्क दिया है कि चारों मामलों में सुनाई गई सजाएं एक साथ (कंकरेंट) नहीं चलेंगी। इस प्रकार कुल सजा साढ़े तीन वर्ष बनती है, जिसके आधार पर पाला विधायक विधानसभा की सदस्यता के लिए अयोग्य हो चुके हैं।
विधानसभा अध्यक्ष के संज्ञान न लेने पर पहुंचे हाईकोर्ट
याचिका में यह भी स्पष्ट किया गया है कि कप्पन को अयोग्य घोषित करने के संबंध में पूर्व में विधानसभा अध्यक्ष को एक औपचारिक प्रतिवेदन सौंपा गया था। जब उस प्रतिवेदन पर स्पीकर के स्तर से कोई कार्रवाई नहीं हुई, तब याचिकाकर्ता ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाने का निर्णय लिया।

