22 जनवरी, 2025 को एक महत्वपूर्ण फैसले में, भारत के सुप्रीम कोर्ट ने न्यायमूर्ति संजय करोल और न्यायमूर्ति मनमोहन के नेतृत्व में भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 295A को लागू करने के लिए कानूनी आवश्यकताओं को स्पष्ट किया। मनीष कुमार सिंह और अन्य बनाम छत्तीसगढ़ राज्य (आपराधिक अपील संख्या 401/2025) में दिए गए फैसले
