न्यायमूर्ति अश्विनी कुमार मिश्रा और न्यायमूर्ति डोनाडी रमेश द्वारा दिए गए एक महत्वपूर्ण फैसले में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया है कि हिंदू विवाह अधिनियम, 1955 के तहत तलाक याचिका दायर करने का क्षेत्राधिकार विवाह के स्थान से निर्धारित होता है, न कि रिसेप्शन के स्थान से। यह निर्णय पारिवारिक न्यायालय के क्षेत्रीय अधिकार क्षेत्र
