सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को एक बड़ा फैसला सुनाते हुए निमेष नवीनचंद्र शाह के खिलाफ सीबीआई (CBI) द्वारा जारी लुक आउट सर्कुलर (LOC) को निलंबित कर दिया है। शाह पर सीबीआई और प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा दर्ज अलग-अलग मामलों में मुकदमा चल रहा है। जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की बेंच ने याचिकाकर्ता को अंतरिम राहत देते हुए इस मामले में गृह मंत्रालय (MHA) से जवाब मांगा है।
यह कानूनी विवाद बॉम्बे हाईकोर्ट के फरवरी 2024 के उस आदेश से जुड़ा है, जिसमें अदालत ने निमेष शाह की एलओसी रद्द करने की याचिका को खारिज कर दिया था। सीबीआई का आरोप है कि शाह और अन्य आरोपियों ने बैंकों के एक कंसोर्टियम को ₹464.41 करोड़ का नुकसान पहुँचाया है।
हाईकोर्ट ने याचिका खारिज करते हुए कहा था कि सार्वजनिक धन की हेराफेरी के अपराधों को बहुत गंभीरता से लिया जाना चाहिए, क्योंकि ऐसे अपराध देश की वित्तीय स्थिरता को चुनौती देते हैं। इसी आदेश के खिलाफ शाह ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था।
शाह के वकील ने अदालत में दलील दी कि सीबीआई ने एलओसी 9 नवंबर, 2022 को ही जारी कर दी थी, लेकिन याचिकाकर्ता को इसके बारे में लगभग तीन साल तक कोई जानकारी नहीं दी गई। उन्हें मई 2025 में इसकी सूचना मिली। इससे पहले 21 अप्रैल को हुई सुनवाई में वकील ने कहा था कि एलओसी कभी भी याचिकाकर्ता को तामील नहीं की गई, जिसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई को संबंधित दस्तावेज पेश करने का निर्देश दिया था।
वहीं, सीबीआई की ओर से पेश वकील ने एलओसी जारी करने की प्रक्रिया को सही ठहराने के लिए संबंधित कार्यालय ज्ञापन (Office Memorandum) का हवाला दिया।
सुनवाई के दौरान बेंच ने सीबीआई द्वारा पेश की गई 9 नवंबर, 2022 की एलओसी की भौतिक प्रति का अवलोकन किया। अदालत ने पाया कि याचिका में उठाए गए मुद्दों—विशेष रूप से आरोपी को सूचना न दिए जाने के संबंध में—सटीक निर्णय लेने के लिए गृह मंत्रालय का पक्ष जानना आवश्यक है।
बेंच ने कहा, “हमारा मानना है कि 9 नवंबर, 2022 का लुक आउट सर्कुलर निलंबित रहेगा।” इसके साथ ही कोर्ट ने गृह मंत्रालय को इस मामले में प्रतिवादी के रूप में शामिल किया और छह सप्ताह के भीतर जवाब दाखिल करने के लिए नोटिस जारी किया।
सुप्रीम कोर्ट ने अगले आदेश तक निमेष नवीनचंद्र शाह के खिलाफ सीबीआई की एलओसी के संचालन पर रोक लगा दी है। गृह मंत्रालय का जवाब आने के बाद इस मामले पर आगे की सुनवाई की जाएगी।

