ठाणे स्थित मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण (MACT) ने एक अहम फैसले में पुणे जिले में हुए भीषण सड़क हादसे के तीन पीड़ितों को ₹31 लाख से अधिक का मुआवजा देने का आदेश दिया है। अधिकरण के सदस्य केपी श्रीखंडे ने 8 मई को तीन अलग-अलग आदेशों के माध्यम से ट्रक मालिक और रिलायंस जनरल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड को यह राशि संयुक्त रूप से भुगतान करने का निर्देश दिया। अदालत ने मुआवजे की राशि पर दावा दायर करने की तारीख से 9 प्रतिशत प्रति वर्ष की दर से ब्याज देने का भी प्रावधान किया है।
यह मामला 26 नवंबर, 2021 का है, जब पुणे-सोलापुर सर्विस रोड पर इंदापुर पुलिस स्टेशन की सीमा में एक तेज रफ्तार ट्रक ने पैदल जा रहे एक ही परिवार के सदस्यों को टक्कर मार दी थी। इस दुर्घटना में 60 वर्षीय मथुराबाई बबन बाबरे, उनका 14 वर्षीय पोता आर्य रूपेश बाबरे और उनकी रिश्तेदार 18 वर्षीय माही केसरीनाथ पाटिल गंभीर रूप से घायल हो गए थे। हादसे के वक्त ये सभी मुख्य सड़क से हटकर सुरक्षित स्थान पर थे, लेकिन अनियंत्रित ट्रक ने उन्हें अपनी चपेट में ले लिया।
मामले की सुनवाई के दौरान, अधिकरण ने पुलिस द्वारा तैयार किए गए स्पॉट पंचनामा और एफआईआर (FIR) जैसे साक्ष्यों पर गौर किया। साक्ष्यों से यह स्पष्ट हुआ कि पीड़ित मुख्य सड़क पर नहीं थे, जिससे ट्रक चालक की घोर लापरवाही उजागर हुई। अधिकरण ने अपने आदेश में स्पष्ट किया कि यह दुर्घटना पूरी तरह से ट्रक चालक की लापरवाही का परिणाम थी।
अदालत ने यह भी पाया कि दुर्घटना के समय ट्रक का बीमा वैध था और ट्रक मालिक द्वारा बीमा पॉलिसी की किसी भी शर्त का उल्लंघन नहीं किया गया था। इसी आधार पर बीमा कंपनी को मुआवजे की जिम्मेदारी सौंपी गई।
MACT ने प्रत्येक पीड़ित की चोटों और उनके दावों की गंभीरता को देखते हुए मुआवजे की राशि का निर्धारण किया:
- माही केसरीनाथ पाटिल: ₹13.97 लाख का मुआवजा।
- आर्य रूपेश बाबरे: ₹11.14 लाख का मुआवजा।
- मथुराबाई बबन बाबरे: ₹6.61 लाख का मुआवजा।
अधिकरण ने स्पष्ट किया कि 9 प्रतिशत ब्याज के जुड़ने से पीड़ितों को मिलने वाली अंतिम राशि में उल्लेखनीय वृद्धि होगी, जो उनके इलाज और भविष्य की जरूरतों के लिए सहायक साबित होगी।

