छत्तीसगढ़ डीएमएफ घोटाला: कथित मास्टरमाइंड सतपाल सिंह छाबड़ा को सुप्रीम कोर्ट से मिली जमानत

सुप्रीम कोर्ट ने छत्तीसगढ़ के डिस्ट्रिक्ट मिनरल फंड (डीएमएफ) में कथित वित्तीय अनियमितताओं और भ्रष्टाचार के मामले में बुधवार को आरोपी सतपाल सिंह छाबड़ा को जमानत दे दी। छाबड़ा पर इस घोटाले का मुख्य साजिशकर्ता होने का आरोप है। यह पूरा मामला खनन गतिविधियों से प्रभावित स्थानीय लोगों के कल्याण के लिए आवंटित धन की हेराफेरी से जुड़ा है।

चीफ जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जोयमाल्य बागची और जस्टिस वी मोहना की पीठ ने इस मामले की सुनवाई की। पीठ ने निर्देश दिया कि छाबड़ा की जमानत की शर्तें स्थानीय ट्रायल कोर्ट द्वारा निर्धारित की जाएंगी। इसके साथ ही ट्रायल कोर्ट को सुरक्षा के लिहाज से आवश्यक अतिरिक्त शर्तें लगाने का भी अधिकार दिया गया है।

सुनवाई के दौरान छाबड़ा की ओर से पैरवी कर रहे वरिष्ठ वकील शोएब आलम ने अदालत में दलील दी कि इस मामले के कई अन्य सह-आरोपियों को पहले ही राहत मिल चुकी है। उन्होंने मुख्य आरोपी और छत्तीसगढ़ कैडर के पूर्व आईएएस अधिकारी अनिल टुटेजा की जमानत का विशेष रूप से उल्लेख किया।

अदालत ने इस दलील को स्वीकार करते हुए कहा कि मुख्य आरोपी अनिल टुटेजा को पहले ही 18 मई 2026 को जमानत दी जा चुकी है। पूर्व नौकरशाह टुटेजा विभिन्न भ्रष्टाचार के मामलों में 24 जनवरी 2024 से जेल में बंद थे, जिसके बाद 23 फरवरी 2026 को उन्हें डीएमएफ मामले में गिरफ्तार किया गया था।

रिश्वत और सरकारी धन की हेराफेरी के आरोप

जांच एजेंसियों के अनुसार, सतपाल सिंह छाबड़ा पर डीएमएफ के तहत ठेके दिलाने के एवज में 5 करोड़ रुपये की अवैध रिश्वत लेने का आरोप है।

यह पूरा मामला प्रभावित क्षेत्रों के विकास के लिए आरक्षित सरकारी फंड में बड़े पैमाने पर गबन से जुड़ा है। आरोप है कि स्थानीय समुदायों के कल्याण के लिए तय इस राशि को मिलीभगत से गलत तरीके से ठेके बांटकर निजी हाथों में भेज दिया गया।

READ ALSO  Supreme Court Asks Trial Judges to Use Section 313(5) CrPC, Directs Judicial Academies to Take Notice
Ad 20- WhatsApp Banner

Law Trend
Law Trendhttps://lawtrend.in/
Legal News Website Providing Latest Judgments of Supreme Court and High Court

Related Articles

Latest Articles