सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने छत्तीसगढ़ और मद्रास हाईकोर्ट के लिए 8 स्थायी जजों की नियुक्ति को दी मंजूरी

सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने 24 मार्च 2026 को हुई अपनी बैठक में छत्तीसगढ़ और मद्रास हाईकोर्ट के कई अपर जजों को स्थायी जज के रूप में नियुक्त करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। आधिकारिक वक्तव्यों के माध्यम से साझा किए गए इन फैसलों का उद्देश्य इन दोनों प्रमुख हाईकोर्ट्स में न्यायिक कामकाज को सुदृढ़ करना और जजों की रिक्तियों को भरना है।

छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में नियुक्तियां

कॉलेजियम ने छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में कार्यरत पांच अपर जजों को स्थायी जज बनाने के प्रस्ताव को स्वीकार किया है। जिन जजों के नामों की सिफारिश की गई है, वे निम्नलिखित हैं:

  1. श्री जस्टिस सचिन सिंह राजपूत
  2. श्री जस्टिस राधाकृष्ण अग्रवाल
  3. श्री जस्टिस संजय कुमार जायसवाल
  4. श्री जस्टिस बिभु दत्त गुरु
  5. श्री जस्टिस अमितेन्द्र किशोर प्रसाद
READ ALSO  "अति-आत्मविश्वास के कारण केस हार गया था": भावी CJI जस्टिस सूर्यकांत ने युवा वकीलों को दी 'शून्य से शुरुआत' की सलाह

मद्रास हाईकोर्ट में नियुक्तियां

इसी बैठक में कॉलेजियम ने मद्रास हाईकोर्ट के लिए भी तीन अपर जजों को स्थायी करने के प्रस्ताव पर अपनी मुहर लगाई। इन जजों के नाम इस प्रकार हैं:

  1. सुश्री जस्टिस आर. पूर्णिमा
  2. श्री जस्टिस एम. जोतिरामन
  3. डॉ. (श्रीमती) जस्टिस ऑगस्टीन देवदोस मारिया क्लीट

अपर जजों को स्थायी बनाने की प्रक्रिया मेमोरेंडम ऑफ प्रोसीजर (MoP) के तहत संचालित होती है। आमतौर पर अपर जजों की नियुक्ति दो साल के कार्यकाल के लिए की जाती है। इस अवधि की समाप्ति से पहले, संबंधित हाईकोर्ट का कॉलेजियम उनके न्यायिक प्रदर्शन और कार्यक्षमता का मूल्यांकन करता है, जिसके बाद उनके नाम की सिफारिश सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम को भेजी जाती है।

भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) और वरिष्ठ न्यायाधीशों की सदस्यता वाला सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम इन सिफारिशों पर गहन विचार करता है। इसमें जजों की सत्यनिष्ठा, उनके द्वारा दिए गए निर्णयों की गुणवत्ता और उनकी न्यायिक कार्यशैली को आधार बनाया जाता है। कॉलेजियम की मंजूरी के बाद, इन नामों को केंद्रीय विधि एवं न्याय मंत्रालय के पास भेजा जाता है, जहाँ से प्रक्रिया पूरी होने के बाद भारत के राष्ट्रपति औपचारिक नियुक्ति आदेश जारी करते हैं।

READ ALSO  केरल की अदालत ने नाबालिग लड़की की हत्या और उसकी बहन से बलात्कार के दोषी व्यक्ति को मौत की सजा सुनाई

इन नियुक्तियों से छत्तीसगढ़ और मद्रास हाईकोर्ट की बेंचों को और अधिक स्थिरता मिलने की उम्मीद है, जिससे लंबित मामलों के निस्तारण में तेजी आएगी।

Law Trend
Law Trendhttps://lawtrend.in/
Legal News Website Providing Latest Judgments of Supreme Court and High Court

Related Articles

Latest Articles