असम में दर्ज मामले के बीच कांग्रेस नेता पवन खेड़ा पहुंचे तेलंगाना हाईकोर्ट, गिरफ्तारी से बचने के लिए लगाई अग्रिम जमानत की गुहार

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पवन खेड़ा ने असम सरकार द्वारा उनके खिलाफ दर्ज आपराधिक मामले में गिरफ्तारी से बचने के लिए तेलंगाना हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। खेड़ा ने हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका दायर की है। यह कानूनी विवाद असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा की पत्नी रिनिकी भूयान सरमा पर खेड़ा द्वारा लगाए गए संपत्ति के गैर-खुलासे के आरोपों के बाद शुरू हुआ है।

पवन खेड़ा ने अपनी याचिका में हैदराबाद का आवासीय पता दिया है और अदालत से अनुरोध किया है कि यदि इस मामले में उनकी गिरफ्तारी की नौबत आती है, तो उन्हें जमानत पर रिहा किया जाए। यह याचिका 7 अप्रैल को दायर की गई थी, जिस पर हाईकोर्ट 9 अप्रैल को सुनवाई करेगा।

इस कानूनी टकराव की शुरुआत 5 अप्रैल को हुई, जब पवन खेड़ा ने सार्वजनिक रूप से आरोप लगाया कि रिनिकी भूयान सरमा के पास कई पासपोर्ट और विदेश में ऐसी संपत्तियां हैं जिनका विवरण मुख्यमंत्री सरमा के चुनावी हलफनामे में नहीं दिया गया था।

इन आरोपों के जवाब में, गुवाहाटी क्राइम ब्रांच पुलिस स्टेशन में खेड़ा के खिलाफ मामला दर्ज किया गया। उन पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत आरोप लगाए गए हैं, जिनमें शामिल हैं:

  • धारा 175: चुनाव के संबंध में झूठा बयान देना।
  • धारा 35: शरीर और संपत्ति के निजी बचाव के अधिकार से संबंधित।
  • धारा 318: धोखाधड़ी (cheating) से संबंधित।
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असम पुलिस ने इस मामले में जांच तेज कर दी है। हाल ही में पुलिस की एक टीम पूछताछ के लिए दिल्ली स्थित खेड़ा के आवास पर भी पहुंची थी। अपनी जमानत याचिका में खेड़ा ने गुवाहाटी क्राइम ब्रांच के डीसीपी और तेलंगाना सरकार को प्रतिवादी (respondents) बनाया है।

दूसरी ओर, मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने इन आरोपों को सिरे से खारिज किया है। उन्होंने बिना दस्तावेजों के सत्यापन के आरोप लगाने के लिए कांग्रेस पार्टी की आलोचना की। मंगलवार को मीडिया से बात करते हुए मुख्यमंत्री ने कड़े शब्दों में कहा कि भले ही खेड़ा हैदराबाद चले गए हों, लेकिन असम पुलिस इस मामले को अंत तक ले जाएगी। सरमा ने कहा, “असम पुलिस उन्हें ‘पाताल’ से भी ढूंढ निकालेगी।”

अब सबकी नजरें 9 अप्रैल को तेलंगाना हाईकोर्ट में होने वाली सुनवाई पर टिकी हैं, जो यह तय करेगी कि गुवाहाटी में चल रही जांच के बीच खेड़ा को गिरफ्तारी से राहत मिलती है या नहीं।

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