नवादा की प्रधान जिला जज शिल्पी सोनीराज का आकस्मिक निधन; पुलिस ने शुरू की जांच

नवादा की प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश शिल्पी सोनीराज के आकस्मिक निधन से शुक्रवार सुबह बिहार का विधि जगत स्तब्ध रह गया। वरिष्ठ न्यायिक अधिकारी अपने सरकारी आवास पर अचेत अवस्था में पाई गईं और बाद में एक स्थानीय अस्पताल में उन्हें मृत घोषित कर दिया गया।

पुलिस ने जांच की कार्यवाही शुरू कर दी है, हालांकि अधिकारियों ने मेडिकल रिपोर्ट आने तक मौत के संभावित कारणों पर टिप्पणी करने से परहेज किया है।

घटनाक्रम

स्थानीय अधिकारियों द्वारा दी गई प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, जज सोनीराज पिछली शाम सक्रिय थीं। पुलिस उपाधीक्षक (मुख्यालय) निशु मलिक ने पुष्टि की कि गुरुवार रात जज चाय पीने के लिए हाईवे पर स्थित रजौली चेक पोस्ट गई थीं।

नवादा के पुलिस अधीक्षक अभिनव धीमान ने बताया कि चेक पोस्ट से लौटने के बाद वह सोने चली गईं। शुक्रवार सुबह जब उनके आवास के कर्मचारियों ने उन्हें जगाने की कोशिश की तो हड़कंप मच गया।

पुलिस अधीक्षक धीमान ने मीडिया को जानकारी दी कि जज के आवास के कर्मचारियों ने सुबह उन्हें अचेत अवस्था में पाया और तुरंत अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। उन्होंने यह भी बताया कि इस संबंध में केयरटेकर का बयान दर्ज कर लिया गया है।

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डीएसपी मलिक ने कहा कि जज की स्थिति के बारे में न्यायिक पक्ष से अधिकारियों को सुबह-सुबह सूचित किया गया था।

जांच और मेडिकल परीक्षण

मौत की आकस्मिक प्रकृति को देखते हुए किसी साजिश की आशंका को लेकर सवाल उठे हैं। प्रेस द्वारा पूछे जाने पर, डीएसपी मलिक ने सतर्क रुख अपनाया और जोर देकर कहा कि जांच के लिए पोस्टमार्टम रिपोर्ट महत्वपूर्ण है।

मीडिया को संबोधित करते हुए, मलिक ने पुष्टि की कि जांच शुरू हो गई है और शव को पोस्टमार्टम के लिए आईजीआईएमएस (इंदिरा गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान) पटना भेज दिया गया है। उन्होंने जोर देकर कहा कि मेडिकल रिपोर्ट मिलने तक कोई निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता है।

विस्तृत मेडिकल जांच के लिए शव को आईजीआईएमएस पटना भेज दिया गया है। अधिकारियों को उम्मीद है कि दो से तीन दिनों के भीतर पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिल जाएगी, जिससे मौत के कारण स्पष्ट होने की उम्मीद है।

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एक विशिष्ट न्यायिक करियर का अंत

1973 में जन्मीं जज सोनीराज का बिहार सुपीरियर ज्यूडिशियल सर्विस में विशिष्ट करियर रहा, जिसमें वे 2016 में अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश के रूप में शामिल हुई थीं। इन वर्षों में, उन्होंने राज्य भर में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं, जिसकी शुरुआत गया में उनकी पहली पोस्टिंग से हुई।

उनके करियर में पटना हाईकोर्ट और जहानाबाद व लखीसराय में पोस्टिंग शामिल रही। नवंबर 2023 में नवादा में कार्यभार संभालने से पहले, उन्होंने बिहार राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के सदस्य सचिव के रूप में कार्य किया।

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उनका निधन न्यायपालिका के लिए एक बड़ी क्षति है; वह संवर्ग में 14वीं सबसे वरिष्ठ न्यायिक अधिकारी थीं और हाईकोर्ट में पदोन्नति के लिए पात्र थीं। वह दिसंबर 2033 में सेवानिवृत्त होने वाली थीं।

जज सोनीराज पटना के प्रतिष्ठित नोट्रे डेम एकैडमी (एनडीए) की 1987 बैच की पूर्व छात्रा थीं। स्कूल के पूर्व छात्र संघ ने इस नुकसान पर गहरा दुख व्यक्त किया।

एसोसिएशन ने सोशल मीडिया पर एक बयान साझा करते हुए अपनी पूर्व छात्रा के निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया और कहा कि उन्हें हमेशा नोट्रे डेम एकैडमी परिवार के एक मूल्यवान सदस्य के रूप में याद किया जाएगा।

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