सुप्रीम कोर्ट ने मकान मालिक और किरायेदार के विवाद से जुड़े एक महत्वपूर्ण निर्णय में यह स्पष्ट किया है कि मकान मालिक की ‘बोना फाइड’ (सत्य एवं वास्तविक) आवश्यकता की व्याख्या उदारतापूर्वक की जानी चाहिए, और इसमें केवल मकान मालिक की नहीं, बल्कि उसके परिवार के सदस्यों की आवश्यकताएं भी शामिल मानी जाएंगी। यह निर्णय
