गलत सामान का रिफंड लटकाने पर अमेज़न पर जुर्माना, उपभोक्ता आयोग ने ठोका 4,000 रुपये का हर्ज़ाना

ऑनलाइन खरीदारी के बाद गलत सामान मिलने और उसका रिफंड 129 दिनों तक अटकाने के मामले में ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म ‘अमेज़न सेलर’ को बड़ा झटका लगा है। केरल के एर्नाकुलम जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग ने ग्राहक को समय पर रिफंड न देने को सेवा में गंभीर लापरवाही माना है। आयोग ने अमेज़न को पीड़ित ग्राहक को हर्जाने और कानूनी खर्च के रूप में 4,000 रुपये का भुगतान करने का निर्देश दिया है।

129 दिन की देरी पर सेवा में कमी करार

यह आदेश आयोग के अध्यक्ष डी बी बीनु और सदस्य रामचंद्रन वी व श्रीविद्या टी एन की तीन सदस्यीय पीठ ने 6 जुलाई को सुनाया। आयोग ने साफ किया कि भले ही अमेज़न ने बाद में ग्राहक के 2,056 रुपये लौटा दिए हों, लेकिन 10 दिनों के भीतर सामान वापस न उठाने और कानूनी नोटिस मिलने के बाद ही रिफंड जारी करने की प्रक्रिया ई-कॉमर्स कंपनी की सेवा में खराबी को दर्शाती है। आयोग ने अमेज़न को मानसिक परेशानी के एवज में 2,000 रुपये का मुआवजा और 2,000 रुपये कानूनी प्रक्रिया का खर्च 45 दिनों के भीतर जमा करने का फरमान जारी किया है।

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गलत रंग के जूते मिलने से शुरू हुआ विवाद

शिकायतकर्ता नयनतारा वी जे ने 11 सितंबर 2023 को अमेज़न से 2,056 रुपये की कीमत वाले एलन कूपर ब्रांड के ग्रे रंग के सेफ्टी शूज़ ऑर्डर किए थे। हालांकि, उन्हें डिलीवरी में किसी अन्य रंग के जूते प्राप्त हुए। इसके बाद उन्होंने अमेज़न की 10-दिवसीय रिटर्न नीति के तहत 22 सितंबर 2023 को रिटर्न की प्रक्रिया शुरू की और पिकअप के लिए अपने पति के दफ्तर का पता दर्ज कराया।

अमेज़न ने पिकअप के लिए 24 सितंबर 2023 की तारीख तय की, जिस दिन रविवार होने के कारण दफ्तर बंद था। नयनतारा ने अमेज़न के कस्टमर एग्जीक्यूटिव से संपर्क कर पिकअप की तारीख बदलने की गुजारिश की, लेकिन कंपनी की ओर से दोबारा पिकअप का कोई प्रयास नहीं किया गया। बाद में कस्टमर केयर ने उन्हें 29 सितंबर तक इंतजार करने को कहा और इसके बाद कोई संतोषजनक जवाब न देते हुए रिटर्न या रिफंड देने से साफ इनकार कर दिया।

लीगल नोटिस के बाद लौटाए पैसे

मामले को आगे बढ़ाते हुए शिकायतकर्ता ने अपने वकील कैलेश टी गोपी के जरिए 5 अक्टूबर 2023 को अमेज़न को लीगल नोटिस भेजा। इसके बाद अमेज़न ने 31 जनवरी 2024 को पूरा रिफंड जारी किया। उपभोक्ता पक्ष की दलील थी कि कंपनी की नीति के अनुसार 5 कार्यदिवसों के भीतर रिफंड दिया जाना चाहिए था, जबकि अमेज़न ने 129 दिनों की लंबी देरी के बाद पैसे वापस किए, जो उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम 2019 के तहत उपभोक्ता अधिकारों का सीधा उल्लंघन है।

अमेज़न ने बचाव में रखीं ये दलीलें

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दूसरी ओर, अमेज़न के वकील एस शिव शंकर ने अदालत में कंपनी का पक्ष रखते हुए कहा कि जिस तीसरे पक्ष ‘क्लिकटेक रिटेल प्राइवेट लिमिटेड’ से खरीदारी की गई थी, उसे इस शिकायत में पक्षकार नहीं बनाया गया है। कंपनी ने दावा किया कि रविवार को दफ्तर बंद होने के कारण पिकअप विफल रहा, जिसमें कंपनी की कोई गलती नहीं थी।

इसके अलावा अमेज़न का यह भी तर्क था कि शिकायतकर्ता ने गलत रंग का सामान मिलने का कोई फोटो या दस्तावेज सबूत के तौर पर पेश नहीं किया। 15 दिसंबर 2023 को लीगल नोटिस मिलने के बाद कंपनी ने आंतरिक जांच कराई और एक सद्भावना पहल के तहत 30 जनवरी 2024 को रिफंड प्रोसेस किया। अमेज़न ने शिकायतकर्ता द्वारा मांगी गई 15,000 रुपये की मुआवजा राशि को निराधार और अनुचित बताया।

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