दक्षिण दिल्ली के मालवीय नगर स्थित एक गेस्ट हाउस में 23 लोगों की जान लेने वाले भीषण अग्निकांड के मामले में दिल्ली हाईकोर्ट ने मंगलवार को अहम निर्देश दिया। अदालत ने न्यायिक हिरासत में बंद आरोपी होटल मालिक लवकेश बजाज की स्वास्थ्य स्थिति को लेकर राम मनोहर लोहिया (आरएमएल) अस्पताल से विस्तृत मेडिकल रिपोर्ट मांगी है।
जस्टिस मनोज जैन ने लवकेश बजाज की अंतरिम जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान यह आदेश जारी किया। बजाज ने याचिका में गंभीर आंतों की बीमारी का हवाला देते हुए फौरी राहत की मांग की है। मामले की अगली सुनवाई बुधवार को तय की गई है।
गंभीर बीमारी का हवाला देकर मांगी अंतरिम जमानत
लवकेश बजाज ने अपनी अर्जी में कहा कि वह आंतों में गंभीर रुकावट (इंटेस्टाइनल ऑब्स्ट्रक्शन) की समस्या से जूझ रहे हैं और उनकी हालत नाजुक बनी हुई है। अदालत ने रिकॉर्ड पर गौर करते हुए दर्ज किया कि बजाज 24 अगस्त से आरएमएल अस्पताल में भर्ती हैं। इसके बाद जस्टिस मनोज जैन ने अस्पताल प्रशासन को निर्देश दिया कि आरोपी की सेहत पर एक व्यापक और विस्तृत मेडिकल रिपोर्ट अदालत के समक्ष पेश की जाए।
निचली अदालत खारिज कर चुकी है चार हफ्ते की अंतरिम राहत
इससे पहले 3 सितंबर को एक निचली अदालत ने बजाज की चार सप्ताह की मेडिकल जमानत याचिका खारिज कर दी थी। निचली अदालत ने अपने फैसले में कहा था कि आरोपी को हिरासत में रहते हुए भी अस्पताल में जरूरी और विशेषज्ञ उपचार मिल रहा है।
अदालत ने यह भी रेखांकित किया था कि बजाज ने जिस आपात स्थिति और सर्जरी की आवश्यकता का उल्लेख किया था, उसका ऑपरेशन आरएमएल अस्पताल में पहले ही किया जा चुका है। गौरतलब है कि जेल में स्वास्थ्य बिगड़ने के बाद बजाज को सबसे पहले दीन दयाल उपाध्याय अस्पताल ले जाया गया था, जहां से उन्हें बेहतर इलाज के लिए आरएमएल अस्पताल रेफर किया गया।
3 जून का अग्निकांड: 23 की गई थी जान, 24 हुए थे गंभीर रूप से घायल
यह मामला 3 जून को मालवीय नगर के हौज रानी इलाके में स्थित पांच मंजिला ‘फ्लोरिश स्टे’ गेस्ट हाउस में लगी भयावह आग से जुड़ा है। इस त्रासदी में 23 लोगों की दम घुटने और झुलसने से मौत हो गई थी, जबकि 24 अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हुए थे।
मामले की जांच के बाद दिल्ली पुलिस ने लवकेश बजाज के अलावा गेस्ट हाउस के मैनेजर-सह-अकाउंटेंट जय मिश्रा और रसोइए केशव नेगी के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है।
सुरक्षा मानकों में भारी लापरवाही और नियमों का उल्लंघन
पुलिस की चार्जशीट के अनुसार, यह व्यावसायिक प्रतिष्ठान बेड एंड ब्रेकफास्ट (बीएंडबी) के तय नियमों का सीधा उल्लंघन करके चलाया जा रहा था। इन नियमों के तहत केवल छह कमरों के संचालन की मंजूरी होती है, जबकि इस पांच मंजिला इमारत में 26 कमरे संचालित किए जा रहे थे।
जांच में यह तथ्य भी उजागर हुआ कि बजाज ने पूर्व में इस संपत्ति के लिए नियमित होटल लाइसेंस का आवेदन किया था। हालांकि, इमारत में आपातकालीन निकास (फायर एग्जिट) न होने और आने-जाने का केवल एक ही साझा रास्ता होने के चलते संबंधित प्राधिकरण ने लाइसेंस देने से इनकार कर दिया था। पुलिस का आरोप है कि सुरक्षा खामियों को दूर कर दोबारा आवेदन करने के बजाय बजाज ने इसे नियमों की आड़ में बीएंडबी व्यवस्था के तहत चलाना शुरू कर दिया।
कैसे भड़की थी आग
पुलिस की जांच के मुताबिक, आग की शुरुआत भूतल पर मौजूद रसोई से हुई थी। रसोइया केशव नेगी चाय बनाते समय बिजली से चलने वाले तेल के फ्रायर को ऑन छोड़ गया था। इमारत में मौजूद अत्यधिक ज्वलनशील सामग्री और कोई वैकल्पिक निकास मार्ग न होने के चलते लपटें तेजी से ऊपरी मंजिलों तक फैल गईं, जिससे अंदर ठहरे लोग फंस गए।

