जस्टिस संजय कुमार अग्रवाल ने राजस्थान हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस के रूप में ली शपथ

जस्टिस संजय कुमार अग्रवाल ने सोमवार को राजस्थान हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस के रूप में शपथ ली। राजस्थान के राज्यपाल हरिभाऊ बागडे ने उन्हें पद की शपथ दिलाई।

केंद्र सरकार ने पिछले सप्ताह जस्टिस अग्रवाल की राजस्थान हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस के रूप में नियुक्ति को मंजूरी दी थी। इससे पहले सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने 31 अगस्त 2026 को उनके नाम की सिफारिश की थी।

जस्टिस अग्रवाल करीब 13 वर्षों तक छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में जज रहे। उन्हें सितंबर 2013 में छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट का अपर जज नियुक्त किया गया था और मार्च 2016 में वे स्थायी जज बने।

वकालत से शुरू हुआ सफर

जस्टिस संजय कुमार अग्रवाल ने 3 जनवरी 1989 को अधिवक्ता के रूप में अपना नामांकन कराया। वकालत के दौरान उन्होंने ट्रायल कोर्ट और हाईकोर्ट में काम किया।

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वर्ष 2002 से 2004 तक उन्होंने छत्तीसगढ़ सरकार के डिप्टी एडवोकेट जनरल के रूप में सेवाएं दीं। इसके बाद 25 जून 2012 को उन्हें छत्तीसगढ़ का एडवोकेट जनरल नियुक्त किया गया।

16 सितंबर 2013 को जस्टिस अग्रवाल को छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट का अपर जज बनाया गया। इसके बाद 8 मार्च 2016 को उन्होंने हाईकोर्ट के स्थायी जज के रूप में शपथ ली।

31 अगस्त को कॉलेजियम ने की थी सिफारिश

सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने 31 अगस्त 2026 को जस्टिस अग्रवाल के छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट से राजस्थान हाईकोर्ट ट्रांसफर की सिफारिश की। इसी दिन कॉलेजियम ने उन्हें राजस्थान हाईकोर्ट का चीफ जस्टिस नियुक्त करने की भी सिफारिश की।

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इसके बाद केंद्र सरकार ने उनकी नियुक्ति को मंजूरी दी और सोमवार को उन्होंने राजस्थान हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस के रूप में पदभार संभाल लिया।

जस्टिस अग्रवाल का लंबा पेशेवर और न्यायिक सफर छत्तीसगढ़ से जुड़ा रहा है। बिलासपुर और रायपुर सहित राज्य की कानूनी और न्यायिक संस्थाओं से उनका गहरा जुड़ाव रहा। वर्ष 1989 में वकालत शुरू करने के बाद उन्होंने डिप्टी एडवोकेट जनरल और एडवोकेट जनरल के रूप में काम किया और फिर 2013 में छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के जज बने।

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अब राजस्थान हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस के रूप में शपथ लेने के साथ उनके न्यायिक सफर का नया अध्याय शुरू हुआ है।

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