दिल्ली के एक कंज्यूमर कमीशन ने पैकर्स एंड मूवर्स कंपनी को सेवा में कमी का जिम्मेदार ठहराते हुए एक ग्राहक को ₹50,000 देने का आदेश दिया है। ग्राहक का आरोप था कि सामान की पैकिंग के दौरान उसका TV गिर गया था और डिलीवरी के समय शू रैक भी क्षतिग्रस्त मिला।
डिस्ट्रिक्ट कंज्यूमर डिस्प्यूट्स रिड्रेसल कमीशन, साउथ-वेस्ट दिल्ली के प्रेसिडेंट सुरेश कुमार गुप्ता और सदस्य हर्षाली कौर ने 16 सितंबर के आदेश में कहा कि शिकायतकर्ता रजनीश कुमार आहूजा की ओर से पेश दस्तावेज उनके दावे का समर्थन करते हैं।
कमीशन ने यह भी कहा कि शिकायतकर्ता की ओर से पेश सबूतों का कंपनी ने प्रभावी रूप से खंडन नहीं किया।
आहूजा ने अपने घरेलू सामान को नारायणा विहार से गुरुग्राम भेजने के लिए कंपनी को ₹18,050 का भुगतान किया था। 16 अक्टूबर 2023 को कंपनी के चार कर्मचारी उनके घर पहुंचे और 50 सामानों की सूची तैयार की। इनमें सामान की कीमत भी दर्ज की गई थी। अगले दिन सामान की डिलीवरी कर दी गई।
आहूजा के अनुसार, उनका Sony LED TV पैकिंग से पहले जांचा गया था और वह सही तरीके से काम कर रहा था। पैकिंग के दौरान कंपनी के कर्मचारी जब दूसरे सामान के साथ TV रखने के लिए जगह बना रहे थे, तभी TV वाला बॉक्स गिर गया।
डिलीवरी की रसीद पर आहूजा ने हाथ से लिखकर दर्ज किया था कि पैकिंग के दौरान TV का बॉक्स गिरा था और उसकी स्क्रीन क्षतिग्रस्त हो गई, जबकि पैकिंग से पहले TV चालू हालत में था। उसी नोट में यह भी दर्ज किया गया था कि अनपैकिंग के दौरान शू रैक टूटा मिला। क्षतिग्रस्त सामान की तस्वीरें भी कमीशन के सामने पेश की गईं।
मरम्मत पर ₹29,618 का अनुमान
नुकसान के बाद आहूजा ने कंपनी के कस्टमर केयर से संपर्क किया और TV की तस्वीरें भेजीं। Sony के अधिकृत सर्विस सेंटर ने शुरुआत में मरम्मत का खर्च ₹29,618 बताया।
बाद में सर्विस सेंटर ने बताया कि जरूरी डिस्प्ले पैनल उपलब्ध नहीं हो पा रहा है और ₹44,788 में एक्सचेंज मॉडल देने की पेशकश की। आहूजा ने यह जानकारी भी कंपनी को भेजी।
कंपनी ने शुरुआत में दावा यह कहते हुए बंद कर दिया कि जांच में TV को उसके कर्मचारियों द्वारा नुकसान पहुंचाए जाने की बात सामने नहीं आई। बाद में कंपनी ने ₹10,000 देने की पेशकश की।
आहूजा द्वारा कंपनी के चेयरमैन को लिखे जाने के बाद उसके लीगल विभाग ने 6 फरवरी 2024 के पत्र के जरिए ₹15,000 देने का प्रस्ताव रखा। आहूजा ने यह प्रस्ताव स्वीकार नहीं किया और ₹90,000 की मांग के साथ कंज्यूमर कमीशन का रुख किया।
कंपनी की दलील खारिज
कमीशन के सामने कंपनी ने शिकायत को झूठा और आधारहीन बताया। कंपनी ने दावा किया कि TV की कीमत घोषित नहीं की गई थी और उसकी जिम्मेदारी Carriage by Road Act के तहत सीमित थी।
कमीशन ने इस दलील को स्वीकार नहीं किया। उसने पाया कि कंपनी के अपने दस्तावेज में LED TV की कीमत ₹30,000 दर्ज थी।
कमीशन ने यह भी कहा कि शिकायतकर्ता की ओर से पेश दस्तावेजी सबूतों का कंपनी खंडन नहीं कर सकी।
कमीशन ने रिकॉर्ड किया कि कंपनी तय कानूनी समय के भीतर जवाब दाखिल करने में विफल रही थी, जबकि वह कार्यवाही में पेश हो चुकी थी। इसके बाद उसका बचाव का अधिकार बंद कर दिया गया था।
डिलीवरी में देरी का दावा नहीं माना
हालांकि, कमीशन ने आहूजा की इस अलग शिकायत को स्वीकार नहीं किया कि कंपनी ने सामान की डिलीवरी में देरी की थी।
आहूजा का दावा था कि सामान 16 अक्टूबर को पहुंचाने का वादा किया गया था और देरी के कारण उन्हें परेशानी हुई। लेकिन कमीशन ने पाया कि इस कथित देरी का जिक्र न तो डिलीवरी रसीद पर लिखे नोट में था, न कंपनी से हुए ईमेल संवाद में और न ही 2 दिसंबर 2023 को नेशनल कंज्यूमर हेल्पलाइन में की गई शिकायत में।
इस आधार पर कमीशन ने देरी के आरोप पर भरोसा करने से इनकार कर दिया।
शिकायत स्वीकार करते हुए कमीशन ने पैकर्स एंड मूवर्स कंपनी को सेवा में कमी का दोषी माना और उसे क्षतिग्रस्त TV और शू रैक के लिए, मुकदमे के खर्च सहित, कुल ₹50,000 देने का आदेश दिया।

