इलाहाबाद हाईकोर्ट ने ज्ञानवापी मस्जिद के वज़ूखाना क्षेत्र का भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) से सर्वे कराने की मांग से जुड़ी याचिका पर सुनवाई 30 नवंबर तक के लिए स्थगित कर दी है। हाईकोर्ट ने यह निर्णय सुप्रीम कोर्ट में इस विषय पर चल रही समानांतर कार्यवाही के मद्देनजर लिया है।
जस्टिस रोहित रंजन अग्रवाल ने मंगलवार को मामले की सुनवाई के दौरान यह निर्देश दिया। सुनवाई के समय अदालत के संज्ञान में यह तथ्य लाया गया कि यह प्रकरण फिलहाल देश की शीर्ष अदालत के समक्ष विचाराधीन है, जहां इस पर अगली सुनवाई 17 नवंबर को तय है। इसे देखते हुए हाईकोर्ट ने सुनवाई आगे बढ़ाते हुए याचिका को 30 नवंबर को अन्य संबद्ध मामलों के साथ सूचीबद्ध करने का आदेश दिया।
विवादित हिस्से को छोड़कर बाकी क्षेत्र के सर्वे की मांग
यह मामला ज्ञानवापी परिसर स्थित वज़ूखाने (नमाज से पूर्व हाथ-मुंह धोने का स्थान) के एएसआई सर्वे से संबंधित है। याचिका में उस विशिष्ट संरचना को जांच के दायरे से बाहर रखने का आग्रह किया गया है, जिसे हिंदू पक्ष ‘शिवलिंग’ और मुस्लिम पक्ष ‘फव्वारा’ बताता है। याचिकाकर्ता का कहना है कि इस विवादित ढांचे को छोड़कर शेष वज़ूखाना क्षेत्र का पुरातात्विक सर्वेक्षण कराया जाए।
वाराणसी जिला जज के फैसले को दी गई है चुनौती
हाईकोर्ट के समक्ष यह मामला वाराणसी अदालत की मूल वादियों में शामिल राखी सिंह की सिविल पुनरीक्षण याचिका (रिवीजन पिटीशन) के माध्यम से पहुंचा है। इस याचिका में वाराणसी के जिला जज के 21 अक्टूबर 2023 के फैसले को चुनौती दी गई है, जिसमें निचली अदालत ने विवादित संरचना को छोड़कर वज़ूखाना क्षेत्र का एएसआई सर्वे कराने का निर्देश देने से इनकार कर दिया था।

