सिक्किम मतदाता सूची संशोधन: सुप्रीम कोर्ट ने 2002 को आधार वर्ष मानने के चुनाव आयोग के फैसले में दखल से किया इनकार

सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को सिक्किम में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के लिए 2002 को आधार वर्ष तय करने के भारत निर्वाचन आयोग के फैसले को चुनौती देने वाली जनहित याचिका खारिज कर दी। अदालत ने स्पष्ट किया कि जारी प्रक्रिया के बीच में मानदंड नहीं बदले जा सकते।

मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागछी और न्यायमूर्ति वी. मोहना की पीठ ने ‘सिक्किमी मूलनिवासी सुरक्षा संघ’ नामक गैर-सरकारी संगठन (एनजीओ) की याचिका पर यह निर्णय सुनाया। याचिका में मांग की गई थी कि राज्य में जारी विशेष गहन पुनरीक्षण प्रक्रिया के लिए 2002 के स्थान पर 1993 को कट-ऑफ वर्ष माना जाए।

राष्ट्रीय स्तर पर 2002 ही आधार वर्ष

पीठ ने सुनवाई के दौरान कहा कि चुनाव आयोग ने पिछला विशेष गहन पुनरीक्षण 2002 में कराया था, इसीलिए इस बार भी पूरे देश के सभी राज्यों के लिए 2002 को ही समान रूप से आधार वर्ष रखा गया है। अदालत ने कहा कि 2002 की मतदाता सूची में दर्ज नागरिक इसके बाद के सभी चुनावों में लगातार अपने मताधिकार का प्रयोग करते आ रहे हैं, ऐसे में चुनावी प्रक्रिया के बीच में आधार वर्ष को बदलना सही नहीं होगा।

जनसांख्यिकी और प्रवासन से जुड़ी दलीलें

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याचिकाकर्ता एनजीओ की दलील थी कि 2002 में जोड़े गए मतदाताओं के आंकड़े सिक्किम की जनसांख्यिकीय स्थिति से मेल नहीं खाते और 2002 को आधार वर्ष बनाए रखने से मतदाता सूची में अनियमितताएं बनी रहेंगी।

इस तर्क पर न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागछी ने टिप्पणी की कि सीमावर्ती राज्यों में प्रवासन और जनसांख्यिकीय बदलाव की स्थिति पैदा होना एक सामान्य बात है। वहीं, मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने कहा कि इस मामले में कोई भी व्यक्तिगत रूप से पीड़ित नागरिक अदालत नहीं आया है। उन्होंने याचिकाकर्ता के वकील से कहा कि केवल किसी संगठन के कहने पर निर्वाचन आयोग के फैसले में हस्तक्षेप करना एक खतरनाक परंपरा होगी।

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निर्वाचन आयोग से संपर्क का विकल्प खुला

अदालत ने कहा कि चुनाव आयोग के निर्णय को रद्द करने या उसमें हस्तक्षेप करने का कोई वैध आधार नहीं बनता है। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने याचिकाकर्ता संगठन को यह छूट दी कि वे सिक्किम राज्य के लिए विशेष राहत या छूट मांगने हेतु सीधे भारत निर्वाचन आयोग के पास अपना आवेदन प्रस्तुत कर सकते हैं।

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