सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रीय राजधानी में एक वकील पर उनके घर में घुसकर जानलेवा हमला करने के मामले को गंभीरता से लिया है। अदालत ने मंगलवार को दिल्ली पुलिस को निर्देश दिया कि वह इस कथित हमले की जांच को लेकर एक विस्तृत स्टेटस रिपोर्ट (स्थिति रिपोर्ट) पेश करे। इसके साथ ही, अदालत ने पीड़ित वकील पंकज शर्मा की जान और सुरक्षा सुनिश्चित करने का भी सख्त आदेश दिया है।
मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी. मोहना की पीठ ने स्पष्ट किया कि यह स्टेटस रिपोर्ट पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) स्तर या उससे ऊपर के अधिकारी द्वारा ही दायर की जानी चाहिए। सुप्रीम कोर्ट ने पुलिस को निर्देश दिया कि इस रिपोर्ट में अब तक हुई जांच के साथ-साथ पीड़ित द्वारा दर्ज कराई गई दूसरी शिकायत की वर्तमान स्थिति की जानकारी भी शामिल की जाए।
घर में घुसकर मारपीट और सिर पर आठ टांके
यह पूरा मामला 11 जुलाई 2026 को हुई एक घटना से जुड़ा है। सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन (एससीबीए) के सदस्य और पेशे से वकील पंकज शर्मा पर उनके घर में घुसकर हमला किया गया था। याचिका के अनुसार, हमलावरों ने शर्मा के साथ उनके घर के भीतर बुरी तरह मारपीट की, जिससे उनके सिर में गंभीर चोटें आईं और उन्हें आठ टांके लगाने पड़े।
अदालत में याचिकाकर्ता का पक्ष रखते हुए वरिष्ठ वकील विकास सिंह ने कहा कि शर्मा ने घर में अवैध रूप से घुसने और मारपीट के आरोप में पुलिस में प्राथमिकी (एफआईआर) दर्ज कराई थी। इसके बावजूद, अगले ही दिन आरोपी फिर से उनके घर पहुंचे और उन्हें धमकी दी। वरिष्ठ वकील ने देश में कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि यदि देश की सर्वोच्च अदालत में वकालत करने वाले वकील ही अपने घर में सुरक्षित नहीं हैं, तो आम नागरिकों की सुरक्षा का क्या होगा।
स्थानीय पुलिस पर राजनीतिक दबाव के आरोप
वकील पंकज शर्मा ने अपनी रिट याचिका में स्थानीय पुलिस पर निष्क्रियता के गंभीर आरोप लगाए हैं। याचिका में कहा गया है कि आरोपी एक स्थानीय नेता के करीबी हैं और वे अपने राजनीतिक रसूख का इस्तेमाल कर पुलिसिया कार्रवाई को रुकवा रहे हैं। याचिका के मुताबिक, पुलिस ने न तो आरोपियों के खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई की और न ही पीड़ित को कोई सुरक्षा प्रदान की, जबकि आरोपियों ने 12 जुलाई को दोबारा शर्मा और उनके परिवार पर हमला करने की कोशिश की थी।
बार एसोसिएशन ने की स्वतंत्र जांच की मांग
इस घटना को लेकर सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन (एससीबीए) ने भी कड़ा रुख अपनाया है। एसोसिएशन ने इस मामले में तत्काल एक उच्च स्तरीय जांच समिति गठित करने की मांग की है। इसके साथ ही, एससीबीए ने मामले की जांच किसी स्वतंत्र एजेंसी को स्थानांतरित करने, शर्मा और उनके परिवार को तुरंत पुख्ता सुरक्षा मुहैया कराने और दोषियों के खिलाफ सख्त दंडात्मक कार्रवाई करने की अपील की है।

