सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि रॉयल्टी दरों में बदलाव करने वाले वैधानिक (कानूनी) संशोधन पहले से तय संविदात्मक समझौतों (कॉन्ट्रैक्ट) पर हावी रहेंगे, क्योंकि रॉयल्टी कानूनी रूप से खनिजों के टेंडर नीलामी के समय नहीं, बल्कि उनके डिस्पैच (परिवहन) के समय देय होती है। जस्टिस संजय करोल और जस्टिस नोंगमईकापम कोटिश्वर सिंह की
