कांग्रेस सांसद और पूर्व केंद्रीय मंत्री शशि थरूर ने अपनी छवि को नुकसान पहुँचाने वाले आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) निर्मित ‘डीपफेक’ वीडियो के खिलाफ दिल्ली उच्च न्यायालय का रुख किया है। इन वीडियो में थरूर को कथित तौर पर “पाकिस्तान की प्रशंसा” करते और अन्य संवेदनशील राजनीतिक बयान देते दिखाया गया है।
शुक्रवार को मामले की सुनवाई करते हुए न्यायमूर्ति मिनी पुष्करणा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X), मेटा और केंद्र सरकार को समन जारी किया है। अदालत ने संकेत दिया है कि वह थरूर के व्यक्तित्व और प्रचार अधिकारों (Personality and Publicity Rights) की रक्षा के लिए उनके पक्ष में एक अंतरिम आदेश पारित करेगी।
शशि थरूर, जो वर्तमान में विदेश मामलों की संसदीय स्थायी समिति के अध्यक्ष हैं, की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अमित सिब्बल ने पक्ष रखा। सिब्बल ने तर्क दिया कि अज्ञात तत्व थरूर के चेहरे, आवाज़ और तौर-तरीकों का दुरुपयोग कर “हाइपर-रियलिस्टिक” (बेहद असली दिखने वाले) वीडियो बना रहे हैं।
अदालत में दलील देते हुए सिब्बल ने कहा, “मैं पूर्व विदेश राज्य मंत्री रहा हूँ। यह भारत की वैश्विक छवि का भी मामला है। विदेशी राज्य इन वीडियो का गलत इस्तेमाल कर सकते हैं।” उन्होंने स्पष्ट किया कि यद्यपि ‘इंडिया टुडे’ जैसे संस्थानों ने इन वीडियो को फर्जी बताया है, फिर भी ये सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं, जिससे जनता के बीच गलत धारणा बन रही है।
याचिका के अनुसार, इस दुष्प्रचार अभियान की जड़ें मार्च 2026 के आसपास खोजी गई हैं। यह वह समय था जब शशि थरूर केरल विधानसभा चुनाव के लिए सक्रिय रूप से प्रचार कर रहे थे।
दलील दी गई है कि थरूर के व्यक्तित्व, आवाज़ और शब्दावली की “AI क्लोनिंग” करना केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक चुनावी प्रक्रिया में अवैध रूप से हस्तक्षेप करने और उनकी देशभक्ति की छवि को धूमिल करने का एक सोची-समझी साजिश थी। सिब्बल ने बताया कि पुलिस शिकायतों और आईटी नियमों के तहत कई यूआरएल हटाए जाने के बावजूद, यह सामग्री नए लिंक के माध्यम से बार-बार सामने आ रही है। मेटा के वकील ने कोर्ट को बताया कि इंस्टाग्राम से विवादित कंटेंट को हटा दिया गया है।
शशि थरूर अकेले ऐसे व्यक्ति नहीं हैं जो AI के इस दुरुपयोग का शिकार हुए हैं। हाल के दिनों में दिल्ली उच्च न्यायालय ने कई प्रसिद्ध हस्तियों को उनके ‘पर्सनैलिटी राइट्स’ की रक्षा के लिए राहत प्रदान की है:
- बॉलीवुड: ऐश्वर्या राय बच्चन, अभिषेक बच्चन, सलमान खान, सोनाक्षी सिन्हा और विवेक ओबेरॉय।
- खेल और अन्य: क्रिकेटर गौतम गंभीर, साउथ सुपरस्टार अल्लू अर्जुन, आर्ट ऑफ लिविंग के संस्थापक श्री श्री रविशंकर और कई प्रमुख पत्रकार।
अदालत का आगामी आदेश डिजिटल प्लेटफॉर्म पर डीपफेक के खिलाफ कार्रवाई के लिए एक महत्वपूर्ण ढांचा तैयार कर सकता है।

