छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट: 11 अधिवक्ता ‘सीनियर एडवोकेट’ नामित, मुख्य न्यायाधीश के निर्देश पर अधिसूचना जारी

बिलासपुर: छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति रमेश सिन्हा के निर्देशानुसार, हाई कोर्ट प्रशासन ने राज्य के 11 अधिवक्ताओं को ‘सीनियर एडवोकेट’ (वरिष्ठ अधिवक्ता) का दर्जा प्रदान किया है। रजिस्ट्रार जनरल द्वारा इस संबंध में आधिकारिक अधिसूचना जारी कर दी गई है।

फुल कोर्ट का निर्णय और प्रक्रिया

यह महत्वपूर्ण निर्णय हाई कोर्ट की ‘फुल कोर्ट’ (Full Court) बैठक में लिया गया। यह चयन ‘छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट (वरिष्ठ अधिवक्ता पदनाम) नियम’ के प्रासंगिक प्रावधानों के तहत किया गया है। यह सम्मान उन अधिवक्ताओं को दिया जाता है जिनके पास लंबा कानूनी अनुभव, उत्कृष्ट पेशेवर आचरण और कानून की गहरी समझ होती है।

इन 11 अधिवक्ताओं को मिला सम्मान

हाई कोर्ट द्वारा जारी सूची के अनुसार, वरिष्ठ अधिवक्ता नामित होने वाले नाम निम्नलिखित हैं:

  1. श्री शैलेंद्र दुबे
  2. श्री रणवीर सिंह मरहास
  3. श्रीमती हमीदा सिद्दीकी
  4. श्री यशवंत ठाकुर
  5. श्री अनूप मजूमदार
  6. श्री नीलाभ दुबे
  7. श्री अमृतो दास
  8. श्री मतीन सिद्दीकी
  9. श्रीमती नौशीना आफरीन अली
  10. श्री अरविंद श्रीवास्तव
  11. श्री तरेन्द्र कुमार झा
READ ALSO  कोलकाता डॉक्टर बलात्कार-हत्या मामले में स्वप्रेरणा से दायर याचिका पर सुप्रीम कोर्ट 1 अक्टूबर को सुनवाई करेगा

क्या है वरिष्ठ अधिवक्ता पद का महत्व?

एडवोकेट एक्ट, 1961 की धारा 16 के तहत वरिष्ठ अधिवक्ता का दर्जा मिलना कानून के क्षेत्र में एक विशिष्ट उपलब्धि मानी जाती है। ‘सीनियर गाउन’ प्राप्त करने के बाद, इन अधिवक्ताओं पर कुछ पेशेवर मर्यादाएं भी लागू होती हैं, जैसे वे सीधे तौर पर वकालतनामा दाखिल नहीं कर सकते और बहस के दौरान उनके साथ एक जूनियर वकील का होना अनिवार्य होता है।

छत्तीसगढ़ के विधिक समुदाय ने इस निर्णय का स्वागत किया है। अधिवक्ताओं का मानना है कि इन नियुक्तियों से बार की गरिमा बढ़ेगी और न्याय वितरण प्रणाली में अनुभवी नेतृत्व को मान्यता मिलेगी।

READ ALSO  नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में झारखंड के इमाम को उम्रकैद की सजा

Law Trend
Law Trendhttps://lawtrend.in/
Legal News Website Providing Latest Judgments of Supreme Court and High Court

Related Articles

Latest Articles