गुवाहाटी: गुवाहाटी हाईकोर्ट ने असम, नगालैंड, मिजोरम और अरुणाचल Pradesh के कुल 41 वकीलों को ‘सीनियर एडवोकेट’ (वरिष्ठ अधिवक्ता) का दर्जा प्रदान किया है। हाईकोर्ट की फुल कोर्ट ने 24 अप्रैल, 2026 को हुई अपनी बैठक में यह महत्वपूर्ण निर्णय लिया, जिसकी आधिकारिक घोषणा अधिसूचना संख्या 30 के माध्यम से की गई।
हाईकोर्ट ने अधिवक्ता अधिनियम, 1961 की धारा 16(2) और गुवाहाटी हाईकोर्ट (वरिष्ठ अधिवक्ताओं का पदनाम) नियम, 2025 के नियम 3 के तहत अपनी शक्तियों का प्रयोग करते हुए यह निर्णय लिया है। यह पदनाम अधिसूचना जारी होने की तिथि से प्रभावी माना जाएगा।
राज्यों के अनुसार नामित वकीलों का विवरण
पूर्वोत्तर के विभिन्न बार एसोसिएशनों से जुड़े वकीलों को यह सम्मान दिया गया है:
- असम (33 वकील): इस सूची में असम के सर्वाधिक 33 वकील शामिल हैं। इनमें से अधिकांश गुवाहाटी स्थित प्रिंसिपल सीट से हैं, जैसे आनन कुमार भुइयां, बरनाली चौधरी और विश्वजीत गोस्वामी। इसके अलावा तिनसुकिया बार से बुद्ध करण केजरीवाल, कामरूप (मेट्रो) बार से दिलीप कुमार कोठारी, गोलाघाट बार से महेंद्र नाथ दत्ता, जोरहाट बार से रिंटू गोस्वामी और डिब्रूगढ़ बार से श्याम दत्ता व श्यामल सील को भी सीनियर एडवोकेट नामित किया गया है।
- नगालैंड (1 वकील): कोहिमा बार से वकील आशिप्रि झो को वरिष्ठ अधिवक्ता का दर्जा दिया गया है।
- मिजोरम (3 वकील): आइजोल बार के तीन अधिवक्ताओं—दीनारी टी. अज़्यू, सी. ज़ोरमछना और एफ. लालेंग्लियाना को इस प्रतिष्ठित पदनाम से नवाजा गया है।
- अरुणाचल प्रदेश (4 वकील): ईटानगर बार के रिंटू सैकिया, प्रीतम टाफो, डिकी पांगिंग और तादुप ताना तारा को सीनियर एडवोकेट मनोनीत किया गया है।
वरिष्ठता और लंबित आवेदनों पर स्पष्टीकरण
हाईकोर्ट ने अपनी अधिसूचना में स्पष्ट किया है कि नामित वकीलों के नाम बार में उनके नामांकन की तिथि (seniority by enrollment) के अनुसार नहीं हैं।
इसके अतिरिक्त, फुल कोर्ट ने सीनियर एडवोकेट पदनाम के लिए प्राप्त शेष आवेदनों को फिलहाल स्थगित कर दिया है। इन आवेदनों पर नियमों के अनुसार भविष्य में विचार किया जाएगा।

