केरल हाईकोर्ट ने कोचीन मिनरल्स एंड रुटाइल लिमिटेड (सीएमआरएल) की उस अपील को खारिज कर दिया है, जिसमें पूर्व मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन की बेटी वीणा टी के साथ हुए वित्तीय लेनदेन की ईडी जांच को चुनौती दी गई थी। इस फैसले के बाद प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के लिए धन शोधन (मनी लॉन्ड्रिंग) के इस मामले में अपनी जांच को आगे बढ़ाने का रास्ता पूरी तरह साफ हो गया है।
हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच, जिसमें जस्टिस राजा विजयराघवन और जस्टिस के वी जयकुमार शामिल थे, ने 26 मई को आए सिंगल जज के फैसले को बरकरार रखा। अदालत ने कहा कि इस फैसले में हस्तक्षेप करने का कोई ठोस कारण नहीं है। इसके साथ ही, सीएमआरएल के वकील के उस अनुरोध को भी कोर्ट ने नामंजूर कर दिया जिसमें सुप्रीम कोर्ट में अपील दायर करने के लिए कार्रवाई पर दो सप्ताह की रोक लगाने की मांग की गई थी।
एजेंसी के अधिकारों पर कोर्ट का रुख
अपनी सुनवाई में डिवीजन बेंच ने स्पष्ट किया कि प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (पीएमएलए) के तहत सिविल कार्रवाई शुरू करने के लिए प्रथम सूचना रिपोर्ट (एफआईआर) का दर्ज होना या अनुसूचित अपराध (शेड्यूल्ड ऑफेंस) की औपचारिक शिकायत होना अनिवार्य नहीं है।
जजों ने टिप्पणी की कि अनुसूचित अपराध का दर्ज होना केवल आपराधिक मुकदमा चलाने के लिए एक पूर्व-शर्त है, न कि जांच करने या पीएमएलए के तहत सिविल कार्रवाई करने के लिए। इस आधार पर अदालत ने कंपनी की उस याचिका को खारिज कर दिया जिसमें ईडी द्वारा दर्ज की गई एन्फोर्समेंट केस इंफॉर्मेशन रिपोर्ट (ईसीआईआर) को रद्द करने की मांग की गई थी।
यह निर्णय पिछले 26 मई के सिंगल जज के उस फैसले का समर्थन करता है, जिसमें कहा गया था कि सीरियस फ्रॉड इन्वेस्टिगेशन ऑफिस (एसएफआईओ) द्वारा कोई औपचारिक एफआईआर या अंतिम रिपोर्ट दर्ज किए जाने से पहले भी ईडी पीएमएलए के तहत अपनी जांच शुरू करने के लिए कानूनी रूप से स्वतंत्र है।
जांच की पृष्ठभूमि और पूरा मामला
सिंगल जज के फैसले के तुरंत बाद, ईडी के अधिकारियों ने 27 मई को पूर्व मुख्यमंत्री विजयन और मामले से जुड़े अन्य लोगों के आवासों पर छापेमारी की थी।
यह पूरा मामला जनवरी 2019 में आयकर विभाग द्वारा सीएमआरएल के कार्यालयों और उसके वरिष्ठ अधिकारियों के आवासों पर की गई छापेमारी से शुरू हुआ था। इसके बाद, भाजपा नेता शोन जॉर्ज की शिकायत पर एसएफआईओ ने भी कंपनी के वित्तीय लेनदेन की जांच शुरू की थी, जिसके बाद मामला धीरे-धीरे मनी लॉन्ड्रिंग की जांच तक पहुंचा।

