‘क्या आधी रात को ड्राफ्ट करते हैं याचिकाएं?’: सुप्रीम कोर्ट की फटकार के बाद वकील ने वापस लीं अपनी सभी 47 जनहित याचिकाएं

देश की सर्वोच्च अदालत में एक दिलचस्प घटनाक्रम के तहत, अधिवक्ता सचिन गुप्ता ने अपनी सभी 47 जनहित याचिकाओं (PIL) को वापस लेने का फैसला किया है। गुरुवार को गुप्ता ने सुप्रीम कोर्ट से अपनी शेष 17 याचिकाओं को वापस लेने की अनुमति मांगी, जिसे अदालत ने स्वीकार कर लिया। वकील ने अब यह रुख अपनाया है कि वे इन मुद्दों को लेकर पहले संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों के पास जाएंगे।

मुख्य न्यायाधीश सूर्या कांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्य बागची और न्यायमूर्ति विपुल एम. पंचोली की पीठ ने सचिन गुप्ता को ये याचिकाएं वापस लेने की अनुमति दी। याचिकाकर्ता के रूप में स्वयं पेश होते हुए गुप्ता ने कहा, “मैं अपनी याचिकाएं वापस ले रहा हूं और अब संबंधित अधिकारियों से संपर्क करूंगा।”

यह घटनाक्रम उन सुनवाइयों की कड़ी में आखिरी है, जिनमें अदालत ने गुप्ता द्वारा दायर याचिकाओं की प्रकृति पर गहरा असंतोष व्यक्त किया था। पिछले महीने ही अदालत ने उन्हें “तुच्छ और आधारहीन” जनहित याचिकाएं दायर करने के लिए कड़ी फटकार लगाई थी।

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सबसे तीखी टिप्पणी 9 मार्च को देखने को मिली थी, जब सुप्रीम कोर्ट ने गुप्ता की पांच याचिकाओं को खारिज कर दिया था। इनमें से एक याचिका में यह मांग की गई थी कि क्या प्याज और लहसुन में ‘तामसिक’ (नकारात्मक) ऊर्जा होती है, इस पर वैज्ञानिक अध्ययन कराया जाए। इस पर नाराजगी जाहिर करते हुए मुख्य न्यायाधीश सूर्या कांत ने उनके ड्राफ्टिंग के समय पर ही सवाल उठा दिया था।

सीजेआई ने फटकार लगाते हुए पूछा था, “आधी रात को ये सब याचिका ड्राफ्ट करते हो क्या?” अदालत ने इन याचिकाओं को अस्पष्ट और व्यर्थ करार दिया था। इसके अलावा, शराब और तंबाकू उत्पादों में कथित हानिकारक सामग्री को विनियमित करने की मांग वाली याचिका भी खारिज कर दी गई थी।

अदालत का रुख 10 अप्रैल की सुनवाई के दौरान भी सख्त रहा, जब 25 अन्य याचिकाएं सूचीबद्ध थीं। उस समय पीठ ने गुप्ता को सलाह दी थी कि सीधे अदालत का दरवाजा खटखटाने के बजाय उन्हें पहले संबंधित अधिकारियों के पास जाना चाहिए।

पीठ ने स्पष्ट किया था कि यदि प्रशासनिक स्तर पर समाधान नहीं निकलता और आवश्यकता महसूस होती है, तभी उचित चरण पर अदालत इन याचिकाओं पर विचार करेगी। अदालत के इस रुख के बाद गुप्ता ने उन 25 याचिकाओं को भी वापस ले लिया था। गुरुवार को शेष 17 याचिकाओं की वापसी के साथ ही, गुप्ता द्वारा दायर कुल 47 याचिकाओं का अध्याय फिलहाल समाप्त हो गया है।

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