वकीलों को हिंसा और धमकियों से सुरक्षा देने वाले ऐतिहासिक कानून को राज्य सरकार ने दी मंजूरी
तेलंगाना के न्यायिक और कानूनी समुदाय के लिए एक ऐतिहासिक फैसले में, राज्य सरकार ने बहुप्रतीक्षित तेलंगाना एडवोकेट्स प्रोटेक्शन एक्ट, 2026 (Telangana Act No. 16 of 2026) को आज, 2 जून 2026 से आधिकारिक रूप से लागू कर दिया है।
सरकार द्वारा जारी आधिकारिक अधिसूचना (जिसका विवरण आधिकारिक रिकॉर्ड image_9d3b59.jpg में दर्ज है) के तहत इस कानून को राज्य भर में तत्काल प्रभाव से लागू किया गया है।

वकीलों पर बढ़ते खतरों का सीधा समाधान
इस कानून को लागू करने का निर्णय विभिन्न बार एसोसिएशनों द्वारा लंबे समय से की जा रही मांगों और संघर्षों का परिणाम है। तेलंगाना में कानूनी पेशेवरों को अपने कर्तव्यों का पालन करते समय अक्सर धमकियों, शारीरिक हमलों और दुर्भावनापूर्ण उत्पीड़न का सामना करना पड़ता था।
इस कानून के लागू होने के साथ ही, तेलंगाना देश के उन चुनिंदा और अग्रणी राज्यों में शामिल हो गया है जिन्होंने वकीलों की सुरक्षा के लिए एक मजबूत और कानूनी सुरक्षा ढांचा तैयार किया है।
अधिसूचना का मुख्य अंश: “तेलंगाना एडवोकेट्स प्रोटेक्शन एक्ट, 2026 की धारा 1 की उप-धारा (3) के तहत शक्तियों का प्रयोग करते हुए, सरकार 2 जून 2026 को उस तारीख के रूप में नियत करती है, जिससे इस अधिनियम के सभी प्रावधान प्रभावी होंगे।”
कानूनी पेशेवरों के लिए इसके क्या मायने हैं?
इस कानून के लागू होने से पुलिस और कानून प्रवर्तन एजेंसियों को वकीलों को निशाना बनाने, डराने या परेशान करने वाले तत्वों के खिलाफ सख्त और त्वरित कार्रवाई करने का अधिकार मिलेगा।
इसके मुख्य प्रभाव इस प्रकार होंगे:
- मजबूत कानूनी सुरक्षा कवच: कानूनी पेशेवरों के पास अब धमकियों की रिपोर्ट करने और पुलिस से तुरंत सुरक्षा सहायता प्राप्त करने का स्पष्ट कानूनी अधिकार होगा।
- अदालती काम में दखलंदाजी पर रोक: इस अधिनियम को अदालती प्रक्रियाओं में होने वाले बाहरी और गैर-कानूनी हस्तक्षेप को रोकने के लिए डिज़ाइन किया गया है, जिससे बचाव या अभियोजन पक्ष के वकीलों को प्रभावित न किया जा सके।
- निडर होकर काम करने की आजादी: वकील बिना किसी शारीरिक या व्यक्तिगत दबाव के, पूरी निष्पक्षता और निडरता के साथ अदालत में अपने मुवक्किलों का पक्ष रख सकेंगे।

