छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट को बुधवार को एक ईमेल के माध्यम से बम से उड़ाने की धमकी मिली, जिसके बाद पुलिस ने पूरे परिसर की तलाशी ली और एहतियातन न्यायालय भवन को खाली कराया। अधिकारियों ने बताया कि तलाशी के दौरान कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली और धमकी फर्जी पाई गई।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह के अनुसार,हाईकोर्ट के आधिकारिक ईमेल आईडी पर सुबह करीब 11:50 बजे परिसर को बम से उड़ाने की धमकी वाला संदेश प्राप्त हुआ। सूचना मिलते ही न्यायालय प्रशासन ने पुलिस को सूचित किया।
इसके बाद पुलिस टीम, बम निरोधक दस्ते और डॉग स्क्वॉड के साथ मौके पर पहुंची। सुरक्षा के मद्देनज़र पूरे न्यायालय परिसर को खाली कराया गया।
व्यापक तलाशी अभियान के बाद पुलिस को कोई बम, विस्फोटक सामग्री या अन्य खतरनाक वस्तु नहीं मिली। इसके बाद धमकी को फर्जी घोषित किया गया।
पुलिस ने मामला दर्ज कर ईमेल भेजने वाले की पहचान के लिए जांच शुरू कर दी है।
इससे पहले भी राज्य के कई जिला न्यायालयों को इसी प्रकार की धमकियां मिल चुकी हैं। 28 जनवरी को राजनांदगांव, अंबिकापुर और जगदलपुर जिला न्यायालयों के आधिकारिक ईमेल पर बम की धमकी भेजी गई थी, जो तलाशी के बाद फर्जी निकली। वहीं 8 जनवरी को राजनांदगांव, दुर्ग और बिलासपुर जिला न्यायालयों को भी ऐसे ही ईमेल मिले थे, जो बाद में झूठे पाए गए।

