ब्रेकिंग: यूपी पंचायत चुनाव में आरक्षण को लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट में दायर हुई पुनर्विचार याचिका, कब है सुनवाई…..

आज शनिवार को इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ पीठ में हाईकोर्ट के उस आदेश के विरुद्ध पुनर्विचार याचिका दायर की गयी है, जिससे हाई कोर्ट ने 2015 को बेस वर्ष मानते हुए आरक्षण निर्धारित करने का आदेश दिया था।

यह पुनर्विचार याचिका दिलीप कुमार द्वारा अपने अधिवक्ता श्री अमित कुमार सिंह भदौरिया के माध्यम से दाखिल करायी गयी है।

दिलीप कुमार द्वारा सुप्रीम कोर्ट में एक SLP दायर की गयी थी, जिस पर कल ही सुप्रीम कोर्ट ने हस्तक्षेप करने से मना कर दिया और कहा की क्यूँकि दिलीप कुमार हाई कोर्ट के समक्ष पार्टी नहीं थे, तो पहली वो हाई कोर्ट जाए।

सुप्रीम कोर्ट के आदेश के क्रम में दिलीप कुमार ने लखनऊ हाई कोर्ट के 15 मार्च 2021 के निर्णय के विरुद्ध पुनर्विचार याचिका दायर कर दी है।

उक्त याचिका के साथ इस मामले की होली की छुट्टियों में हाई जल्द से जल्द सुनवायी के लिए एक अर्ज़ी दी गयी थी, जिसपर कोर्ट ने जल्द सुनवाई करने से माना कर दिया है। अतः अब इस मामले की सुनवाई होली की छुट्टियों के बाद हब हाई कोर्ट खुलेगा तभी होगी।

उक्त पुनर्विचार याचिका के मुख्य आधार है-

1. आरक्षण से प्रभावित होने वाले किसी भी व्यक्ति को याचिका में पक्षकार नहीं बनाया गया।

2. 9 फ़रवरी 2021 को ग्यारवें संसोधन के माध्यम से रूल 4 का वो प्रवाइज़ो डिलीट कर दिया गया, जो सरकार को आरक्षण के लिए फ़्रेश रास्टर अपनाने की शक्ति देता था।

3. कोर्ट को 1994 की नियमावली में ग्यारवें संसोधन के बारे में नहीं अवगत कराया गया।

4. 11 फ़रवरी 2021 का इसी संसोधन के अनुपालन में शासनादेश किया गया, और आरक्षण निर्धारित किया गया था जो कि विधि सम्मत था।

5. 16.09.2021 के  शाशनादेश को आधार बनाकर याचिका दायर की गयी थी, जो ग्यारवें संसोधन के बाद समाप्त हो गया था।

पुनर्विचार याचिका पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करे 

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