सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को केरल में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की समयसीमा बढ़ाने से इनकार कर दिया। हालांकि, कोर्ट ने याचिकाकर्ताओं को उन लोगों का विवरण चुनाव आयोग के समक्ष पेश करने की अनुमति दी है, जो निर्धारित समय के भीतर एन्यूमरेशन फॉर्म जमा नहीं कर सके थे।
भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्य बागची और न्यायमूर्ति वी. मोहना की पीठ ने चुनाव आयोग को ऐसे मामलों पर विचार करने और कोर्ट में रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया। साथ ही, मतदाता सूची से बड़े पैमाने पर नाम हटाए जाने के आरोपों पर जवाब देने के लिए आयोग को चार सप्ताह का समय दिया गया।
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि मतदाता सूची में सुधार कराने और नाम शामिल कराने की प्रक्रिया जारी है। इसलिए SIR की समयसीमा बढ़ाने की आवश्यकता नहीं है।
समय की कमी के कारण कई लोग नहीं भर सके फॉर्म
सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ताओं के वकील ने दलील दी कि पर्याप्त समय नहीं मिलने के कारण कई लोग निर्धारित अवधि में एन्यूमरेशन फॉर्म जमा नहीं कर पाए। उन्होंने बताया कि सत्यापन प्रक्रिया शुक्रवार को समाप्त हो रही है और इसकी समयसीमा बढ़ाई जा सकती है।
इस पर मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने कहा कि याचिकाकर्ता ऐसे लोगों की पहचान कर सकते हैं, जिन्हें अब भी फॉर्म जमा करने का अवसर मिलना चाहिए।
मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि इन व्यक्तियों का विवरण प्रतिनिधित्व के माध्यम से चुनाव आयोग को सौंपा जा सकता है। आयोग को उन मामलों की जांच करने के लिए कहा जाएगा और कोर्ट याचिकाओं को लंबित रखेगा।
समयसीमा बढ़ाने की मांग पर मुख्य न्यायाधीश ने टिप्पणी की, “समय बढ़ाने की कोई आवश्यकता नहीं है, क्योंकि यह एक निरंतर चलने वाली प्रक्रिया है।”
चुनाव आयोग ने कहा, सुधार के लिए अब भी कर सकते हैं आवेदन
चुनाव आयोग की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता डी. एस. नायडू ने पीठ को बताया कि पुनरीक्षण की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। हालांकि, जिन व्यक्तियों को मतदाता सूची में सुधार कराना है, वे निर्धारित प्रक्रिया के तहत संबंधित अधिकारियों से संपर्क कर सकते हैं।
इन दलीलों पर विचार करने के बाद सुप्रीम कोर्ट ने याचिकाकर्ताओं को उन व्यक्तियों का विवरण प्रस्तुत करने की अनुमति दी, जो समयसीमा के भीतर एन्यूमरेशन फॉर्म जमा नहीं कर सके।
चुनाव आयोग ने ऐसे आवेदनों की जांच करने पर सहमति जताई। पीठ ने आयोग को इन मामलों पर विचार करके कोर्ट के समक्ष रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया।
सुप्रीम कोर्ट विभिन्न राज्यों में चुनाव आयोग द्वारा कराए जा रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को चुनौती देने वाली याचिकाओं के समूह पर सुनवाई कर रहा है।
