सुप्रीम कोर्ट ने होम्योपैथी मेडिकल कॉलेजों द्वारा दायर उन विशेष अनुमति याचिकाओं (SLP) के एक समूह को खारिज कर दिया है, जिनमें स्नातक होम्योपैथी पाठ्यक्रमों के लिए अलग से प्रवेश परीक्षा आयोजित करने की मांग की गई थी। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि ‘नेशनल कमीशन फॉर होम्योपैथी एक्ट, 2020’ के तहत एक समान ‘नेशनल एलिजिबिलिटी-कम-एंट्रेंस
