केरल हाईकोर्ट ने आय से अधिक संपत्ति के मामले में दोषी ठहराए गए पूर्व पुलिस महानिदेशक (DGP) टोमिन जे. थचंकरी की विदेश यात्रा की अनुमति संबंधी याचिका पर सुनवाई करते हुए जेल में उनके इलाज और अस्पताल में भर्ती होने का रिकॉर्ड मांगा है। कोर्ट ने सवाल उठाया कि जेल में रहने के दौरान बीमारी का हवाला देने वाले पूर्व DGP अब जमानत मिलने के बाद काम के लिए विदेश जाना चाहते हैं।
जस्टिस ए. बदरुद्दीन ने जेल अधीक्षक को निर्देश दिया कि वह रिपोर्ट पेश कर बताएं कि थचंकरी जेल में किन बीमारियों से पीड़ित थे और कितने दिनों तक अस्पताल में भर्ती रहे।
पूर्व DGP ने काम के सिलसिले में विदेश जाने की अनुमति पाने के लिए अपनी जमानत की शर्तों में बदलाव की मांग की है।
सुनवाई के दौरान कोर्ट ने उनके दोनों दावों में विरोधाभास पाया। जस्टिस बदरुद्दीन ने मलयालम में मौखिक टिप्पणी करते हुए कहा कि यदि अदालत ऐसे विरोधाभासी तर्क स्वीकार करती है, तो जनता को लगेगा कि न्यायाधीशों में समझ नहीं है।
कोर्ट ने सवाल किया कि जेल जाने पर बीमारी बताने वाला व्यक्ति बाहर आने के बाद विदेश यात्रा की अनुमति कैसे मांग सकता है।
मामले की अगली सुनवाई 6 नवंबर को होगी।
15 अक्टूबर को निलंबित हुई थी चार साल की सजा
आय से अधिक संपत्ति के मामले में विजिलेंस कोर्ट ने थचंकरी को चार साल के कठोर कारावास और 30.84 लाख रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई थी।
केरल हाईकोर्ट ने 15 अक्टूबर को उनकी चार साल की सजा निलंबित कर दी थी। जमानत मिलने के बाद उन्होंने विदेश यात्रा की अनुमति के लिए हाईकोर्ट में आवेदन किया।
दोषसिद्धि को भी दी है चुनौती
थचंकरी ने अपनी दोषसिद्धि और सजा के खिलाफ हाईकोर्ट में अपील भी दायर की है।
अपील में उनका दावा है कि जांच एजेंसी ने जांच के दौरान एकत्र किए गए दस्तावेजों में से कोई भी दस्तावेज ट्रायल कोर्ट के सामने पेश नहीं किया।
उन्होंने आरोप लगाया है कि ट्रायल कोर्ट ने साक्ष्यों का गलत मूल्यांकन किया और जांच अधिकारियों की त्रुटिपूर्ण गणनाओं पर भरोसा किया। इसी आधार पर उन्होंने अपनी दोषसिद्धि को अवैध और कानून की दृष्टि से अस्थिर बताया है।
विदेश यात्रा की अनुमति संबंधी उनके आवेदन पर हाईकोर्ट अब 6 नवंबर को आगे सुनवाई करेगा।
