राजा भैया की पत्नी द्वारा दायर घरेलू हिंसा याचिका पर दिल्ली हाईकोर्ट चार महीने में निर्णय ले: सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को निर्देश दिया कि उत्तर प्रदेश के विधायक रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया के खिलाफ उनकी पत्नी भान्वी सिंह द्वारा दायर घरेलू हिंसा की याचिका पर दिल्ली हाईकोर्ट चार महीने के भीतर निर्णय दे।

न्यायमूर्ति बी वी नागरत्ना और न्यायमूर्ति उज्ज्वल भुयान की पीठ ने यह निर्देश तब दिया जब उन्होंने फिलहाल भान्वी सिंह की याचिका पर विचार करने से इनकार करते हुए कहा कि यह मामला पहले से ही दिल्ली हाईकोर्ट में लंबित है और अगली सुनवाई 12 फरवरी को निर्धारित है।

पीठ ने कहा, “उस दिन याचिकाकर्ता इस मामले के शीघ्र निपटारे के लिए आग्रह कर सकती हैं। यह स्पष्ट किया जाता है कि हाईकोर्ट को यह याचिका उस संदर्भ में विचारनी होगी जैसा कि याचिकाकर्ता-पत्नी द्वारा आरोपित तथ्यों में बताया गया है।”

READ ALSO  मीडिया लीक का आरोप लगाने वाली महुआ मोइत्रा की याचिका: हाई कोर्ट शुक्रवार को आदेश पारित करेगा

सुप्रीम कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि उसने यह चार महीने की समयसीमा इसलिए तय की है क्योंकि हाईकोर्ट ने ट्रायल कोर्ट द्वारा राजा भैया को जारी समन पर फिलहाल रोक लगा रखी है।

भान्वी सिंह ने अपनी शिकायत में वर्षों से शारीरिक और मानसिक प्रताड़ना का आरोप अपने पति राजा भैया पर लगाया है। इस सिलसिले में दिल्ली के सफदरजंग एन्क्लेव थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई है।

READ ALSO  एक समझदार महिला के लिए यह समझने के लिए एक वर्ष से अधिक का समय पर्याप्त है कि क्या शादी करने का वादा वास्तविक था: हाई कोर्ट

पुलिस के अनुसार, दोनों पति-पत्नी पिछले कई वर्षों से अलग रह रहे हैं। भान्वी सिंह ने अपनी सास सहित अन्य ससुराल वालों पर भी उत्पीड़न के आरोप लगाए हैं।

घरेलू हिंसा के इस मामले में ट्रायल कोर्ट द्वारा राजा भैया को समन जारी किया गया था, जिसे दिल्ली हाईकोर्ट ने स्थगित कर दिया था। इसी के खिलाफ भान्वी सिंह ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की थी, जिसमें शीघ्र सुनवाई की मांग की गई थी।

READ ALSO  पटना हाईकोर्ट: 18 साल की देरी के बाद अनुकंपा नियुक्ति का दावा नहीं किया जा सकता; उद्देश्य अचानक आए संकट से उबरना है

राजा भैया, जो कुंडा (उत्तर प्रदेश) से निर्दलीय विधायक हैं, राज्य की राजनीति में एक प्रभावशाली चेहरा माने जाते हैं और कई बार मंत्री पद भी संभाल चुके हैं। उनकी पत्नी द्वारा लगाए गए गंभीर आरोपों के कारण यह मामला विशेष सार्वजनिक और राजनीतिक चर्चा का विषय बन गया है।

सुप्रीम कोर्ट के इस निर्देश के बाद उम्मीद है कि हाईकोर्ट में लंबित सुनवाई को अब गति मिलेगी।

Law Trend
Law Trendhttps://lawtrend.in/
Legal News Website Providing Latest Judgments of Supreme Court and High Court

Related Articles

Latest Articles