भारत के सुप्रीम कोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसले में, भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 326 के तहत गैर-समझौता योग्य अपराध को समझौता करने की अनुमति दी। इस निर्णय में असाधारण मामलों में न्यायिक विवेक का उपयोग करने की आवश्यकता पर बल दिया गया। यह मामला एच.एन. पांडाकुमार बनाम कर्नाटक राज्य [एम.ए. संख्या 2667/2024 एसएलपी
