शत्रुघ्न सिन्हा ने ‘खामोश’ डायलॉग सहित व्यक्तित्व अधिकारों की सुरक्षा के लिए बॉम्बे हाईकोर्ट का दरवाज़ा खटखटाया, अंतरिम राहत पर आदेश सुरक्षित

वरिष्ठ अभिनेता और लोकसभा सांसद शत्रुघ्न सिन्हा ने अपने व्यक्तित्व अधिकारों की सुरक्षा के लिए बॉम्बे हाईकोर्ट में याचिका दायर की है, जिसमें उनके प्रतिष्ठित संवाद “खामोश” के अनधिकृत उपयोग पर रोक लगाने की मांग की गई है।

न्यायमूर्ति शर्मिला देशमुख की एकल पीठ ने सोमवार को मामले की सुनवाई की और अंतरिम राहत पर आदेश सुरक्षित रख लिया।

याचिका में सिन्हा ने विभिन्न वेबसाइटों और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को निम्न के अनधिकृत उपयोग से रोकने के लिए अंतरिम निषेधाज्ञा (इंजंक्शन) की मांग की है—

  • उनका नाम
  • तस्वीर और व्यक्तित्व
  • आवाज और अंदाज़ (मैनरिज़्म)
  • उनका प्रसिद्ध संवाद “खामोश”
  • समग्र सार्वजनिक पहचान (पर्सोना)
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उन्होंने बिना अनुमति इनका किसी भी प्रकार के व्यावसायिक उपयोग पर स्थायी रोक लगाने की भी मांग की है।

याचिका में कहा गया है कि अभिनेता-राजनेता ने दशकों में अपने व्यक्तित्व से जुड़ी अपार प्रतिष्ठा और व्यावसायिक मूल्य अर्जित किया है।

उनके नाम, छवि और संवाद का अनधिकृत उपयोग उनके मौलिक अधिकारों का उल्लंघन है और इससे उनकी प्रतिष्ठा तथा ब्रांड वैल्यू को गंभीर क्षति हो रही है।

याचिका के अनुसार कुछ ऑनलाइन प्लेटफॉर्म उनके नाम, छवि और “खामोश” संवाद का बिना अनुमति उपयोग कर रहे हैं, जो उनके व्यक्तित्व के व्यावसायिक शोषण के समान है।

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पक्षकारों की दलीलें सुनने के बाद हाईकोर्ट ने अंतरिम राहत के प्रश्न पर अपना आदेश सुरक्षित रख लिया है।

मामला सेलिब्रिटी पर्सनैलिटी राइट्स, विशिष्ट संवादों के संरक्षण और व्यावसायिक उपयोग पर नियंत्रण से जुड़े महत्वपूर्ण कानूनी मुद्दे उठाता है।

अंतरिम आदेश की प्रतीक्षा है।

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