भर्ती परीक्षाएं रद्द करने के खिलाफ याचिका पर अब सिंगल बेंच करेगी सुनवाई, झारखंड हाईकोर्ट का निर्देश

झारखंड में विभिन्न भर्ती परीक्षाओं को रद्द करने के राज्य सरकार के फैसले के खिलाफ दायर याचिका पर अब हाईकोर्ट की सिंगल बेंच सुनवाई करेगी। चीफ जस्टिस एम एस सोनक और जस्टिस राजेश शंकर की खंडपीठ ने सोमवार को इस मामले को उसी सिंगल बेंच के पास भेजने का निर्देश दिया, जहां पहले से ही इससे जुड़ी अन्य याचिकाएं लंबित हैं।

यह याचिका झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) द्वारा आयोजित सिविल जज (जूनियर डिविजन) परीक्षा में शामिल हुए अभ्यर्थी आदित्य भास्कर और आयुष कुमार वर्मा की ओर से दाखिल की गई थी। याचिकाकर्ताओं ने राज्य सरकार के उस फैसले को चुनौती दी है, जिसके तहत परीक्षा और उससे जुड़ी पूरी नियुक्ति प्रक्रिया को निरस्त कर दिया गया था।

सुनवाई के दौरान खंडपीठ को जानकारी दी गई कि जेपीएससी और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) द्वारा आयोजित परीक्षाओं को रद्द किए जाने के खिलाफ ऐसी ही कई याचिकाएं पहले से ही हाईकोर्ट की सिंगल बेंच के समक्ष विचाराधीन हैं। इस तथ्य को संज्ञान में लेते हुए खंडपीठ ने मामले की सुनवाई सिंगल बेंच को सौंप दी।

2014 से आयोजित परीक्षाओं को निरस्त करने का मामला

यह पूरा विवाद राज्य सरकार के कार्मिक, प्रशासनिक सुधार तथा राजभाषा विभाग द्वारा 18 अगस्त को जारी अधिसूचना से जुड़ा है। सरकार ने कथित अनियमितताओं का हवाला देते हुए वर्ष 2014 से जेपीएससी, जेएसएससी और एक आउटसोर्स एजेंसी के माध्यम से आयोजित कई परीक्षाओं और संबंधित नियुक्ति प्रक्रियाओं को रद्द कर दिया था। सरकार के इसी आदेश के खिलाफ अभ्यर्थियों ने हाईकोर्ट में कई अलग-अलग याचिकाएं दायर की हैं।

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