दिल्ली हाईकोर्ट ने वकीलों के साथ इंटर्नशिप करने वाले कानून के छात्रों के लिए एंट्री पास और पहचान पत्र जारी करने के नियमों में बदलाव किया है। अब यह सुविधा केवल लॉ कोर्स के सीनियर ईयर के छात्रों को ही मिलेगी।
चीफ जस्टिस के निर्देश पर जारी सर्कुलर के मुताबिक, तीन वर्षीय LL.B. कोर्स के केवल तीसरे वर्ष के छात्र और पांच वर्षीय इंटीग्रेटेड लॉ कोर्स के चौथे एवं पांचवें वर्ष के छात्र ही हाईकोर्ट से एंट्री पास या ID कार्ड प्राप्त कर सकेंगे।
इस नए नियम के बाद तीन वर्षीय LL.B. के पहले और दूसरे वर्ष तथा पांच वर्षीय इंटीग्रेटेड लॉ कोर्स के पहले, दूसरे और तीसरे वर्ष के छात्रों को वकीलों के साथ इंटर्नशिप के लिए हाईकोर्ट की ओर से एंट्री पास या ID कार्ड जारी नहीं किया जाएगा।
एंट्री पास के लिए ये दस्तावेज जरूरी
सर्कुलर में पात्र छात्रों के लिए जरूरी दस्तावेजों की सूची भी जारी की गई है। इंटर्न को संबंधित वकील का सिफारिश पत्र देना होगा, जिसमें उनका बार काउंसिल एनरोलमेंट नंबर दर्ज हो। इसके साथ वकील के बार ID की फोटोकॉपी भी जमा करनी होगी।
छात्र को अपने आधार कार्ड और कॉलेज ID कार्ड की फोटोकॉपी के साथ दो स्टाम्प साइज फोटो भी देने होंगे।
हाईकोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया है कि छात्रों को एंट्री पास या ID कार्ड जारी करने के लिए किसी तरह का शुल्क नहीं लिया जाएगा।
दिल्ली हाईकोर्ट बार एसोसिएशन से भी पास जारी नहीं करने को कहा
सर्कुलर की एक प्रति दिल्ली हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष और मानद सचिव को भी भेजी गई है। उनसे नए नियमों की जानकारी बार के सदस्यों तक पहुंचाने का अनुरोध किया गया है।
इसके साथ ही बार एसोसिएशन से कहा गया है कि वह वकीलों के साथ प्रैक्टिस या इंटर्नशिप कर रहे छात्रों और इंटर्न को पहचान पत्र या एंट्री पास जारी न करे।
सर्कुलर को हाईकोर्ट के संबंधित अधिकारियों और सुरक्षा शाखा को भी भेजा गया है। रजिस्ट्रार (IT) से इसे दिल्ली हाईकोर्ट की वेबसाइट पर अपलोड करने के लिए कहा गया है।

