हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने निगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट (NI Act) की धारा 138 के तहत दोषी ठहराए गए एक आरोपी की आपराधिक पुनरीक्षण याचिका (Criminal Revision Petition) को खारिज कर दिया है। हाईकोर्ट ने निचली अदालत और अपीलीय अदालत के फैसलों को सही ठहराते हुए स्पष्ट किया कि एक बार जब आरोपी चेक पर अपने हस्ताक्षर
