ई-कोर्ट्स मोबाइल ऐप का वर्जन 4.0 होगा लॉन्च; छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने जारी की एडवाइजरी, 4 मई तक डेटा बैकअप लेना अनिवार्य

ई-कमेटी, सुप्रीम कोर्ट ऑफ इंडिया के निर्देशों के अनुपालन में ‘ई-कोर्ट्स सर्विसेज मोबाइल ऐप’ को एक नए और आधुनिक तकनीकी ढांचे (वर्जन 4.0) में अपग्रेड किया जा रहा है। इस बड़े बदलाव को देखते हुए छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण नोटिस जारी कर सभी हितधारकों और उपयोगकर्ताओं को सचेत किया है कि वे डेटा हानि से बचने के लिए तत्काल कदम उठाएं।

नया अपग्रेडेड वर्जन 5 मई, 2026 से प्रभावी हो जाएगा। हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया है कि वर्तमान ऐप में सेव किए गए केस का बैकअप लेने के लिए उपयोगकर्ताओं को 4 मई, 2026 तक “एक्सपोर्ट” (Export) फीचर का उपयोग करना होगा।

तकनीकी बदलाव और कार्यक्षमता में सुधार

रजिस्ट्रार जनरल रजनीश श्रीवास्तव द्वारा जारी नोटिस के अनुसार, मोबाइल ऐप का वर्जन 4.0 मौजूदा ‘कोर्डोवा हाइब्रिड फ्रेमवर्क’ (Cordova hybrid framework) से हटकर ‘रिएक्ट नेटिव v0.77.0’ (React Native v0.77.0) पर आधारित होगा। इस तकनीकी परिवर्तन का मुख्य उद्देश्य डेटा के भारी दबाव के बावजूद ऐप के प्रदर्शन और रिस्पॉन्सिवनेस को बेहतर बनाना है।

इस अपग्रेड की प्रमुख विशेषताएं निम्नलिखित हैं:

  • तकनीकी अनुपालन: ऐप अब एंड्रॉइड 14 (API लेवल 34) को सपोर्ट करेगा, जिससे नवीनतम हार्डवेयर वाले उपयोगकर्ताओं के लिए यह गूगल प्ले स्टोर पर आसानी से उपलब्ध रहेगा।
  • बेहतर परफॉरमेंस: नेटिव रेंडरिंग इंजन के उपयोग से ऐप लोडिंग का समय कम होगा, एनिमेशन स्मूथ होंगे और रिसोर्स मैनेजमेंट अधिक कुशल होगा।
  • एर्गोनोमिक डिजाइन: विशेषज्ञों के परामर्श के बाद इंटरफेस को ‘मिनिमलिस्ट डिजाइन’ दिया गया है। एक हाथ से उपयोग को आसान बनाने के लिए इसमें ‘बॉटम-टैब नेविगेशन मेनू’ जोड़ा गया है।
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नई कार्यात्मक सुविधाएं

वर्जन 4.0 के साथ कई ऐसी सुविधाएं पेश की जा रही हैं जो न्यायिक प्रक्रियाओं को उपयोगकर्ताओं के लिए अधिक सुलभ बनाएंगी:

  • सीधे आदेशों तक पहुंच: “केस स्टेटस” स्क्रीन के भीतर ही क्लिक करने योग्य लिंक मिलेंगे, जिससे उपयोगकर्ता सीधे आदेशों की पीडीएफ (PDF) देख सकेंगे।
  • केस कन्वर्जन ट्रैकिंग: परिवर्तित मामलों के पुराने और नए, दोनों केस नंबर देखने के लिए एक नई टेबल की सुविधा दी गई है।
  • बेहतर वैयक्तिकरण (Personalization): “माय केसेस” (My Cases) सेक्शन में अब ‘पजेशन’ (प्रति पेज 10 रिकॉर्ड) का उपयोग किया जाएगा, जिससे पहले होने वाली ऐप हैंगिंग और रिस्पॉन्स न मिलने जैसी समस्याओं का समाधान होगा।
  • एकीकृत क्विक लिंक्स: ई-पे (ePay), एनजेडीजी (NJDG) और ई-फाइलिंग (eFiling) जैसी सभी माध्यमिक सेवाओं को एक ही “क्विक लिंक्स” मेनू में समाहित किया गया है।
  • भुवन मैप्स का एकीकरण: कोर्ट परिसरों की सटीक लोकेशन खोजने के लिए ऐप को ‘भुवन (BHUVAN) मैप्स’ के साथ एकीकृत किया गया है।
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डेटा बैकअप की अनिवार्यता

हाईकोर्ट ने इस बात पर विशेष जोर दिया है कि स्टोरेज आर्किटेक्चर में बदलाव के कारण बैकअप लेना अनिवार्य है। नोटिस में कहा गया है कि सभी न्यायिक स्तरों पर डेटा की सुरक्षा और सुचारू माइग्रेशन सुनिश्चित करने के लिए उपयोगकर्ताओं को मौजूदा ऐप से अपना डेटा एक्सपोर्ट कर लेना चाहिए। 4 मई की समयसीमा के बाद नए आर्किटेक्चर में संक्रमण के दौरान अन-बैकअप डेटा के खोने की संभावना बनी रहेगी।

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