दिल्ली हाईकोर्ट ने सोशल मीडिया पर यौन उत्पीड़न के आरोप लगाने को लेकर पत्रकार उमर राशिद द्वारा दायर मानहानि याचिका पर बुधवार को दो महिला वकीलों को समन जारी किया है।
जस्टिस सचिन दत्ता ने पत्रकार के मानहानि के मुकदमे के साथ-साथ अंतरिम रोक (इंजंक्शन) की मांग करने वाली अर्जी पर भी औपचारिक नोटिस जारी किया। अदालत ने इस मामले की अगली सुनवाई के लिए 24 सितंबर की तारीख तय की है।
सोशल मीडिया पर लगाए गए थे गंभीर आरोप
यह कानूनी विवाद दो महिलाओं द्वारा सोशल मीडिया पर किए गए अनाम पोस्ट से जुड़ा है। इन पोस्टों में पत्रकार उमर राशिद पर यौन हिंसा और “जबरन बीफ खिलाने” जैसे गंभीर आरोप लगाए गए थे।
मानवाधिकार आयोग में बंद हो चुका है मामला
इन ऑनलाइन आरोपों के सामने आने के बाद पत्रकार के खिलाफ राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग में भी एक मामला शुरू हुआ था। हालांकि, बाद में पुलिस ने अपनी जांच में पाया कि इस मामले में आगे की कानूनी कार्यवाही के लिए कोई ठोस आधार मौजूद नहीं है, जिसके बाद मानवाधिकार आयोग ने इस केस को बंद कर दिया था।

