दिल्ली हाईकोर्ट ने 3 नवंबर, 2025 के एक महत्वपूर्ण फैसले में, बलात्कार और नशीला पदार्थ खिलाने (आईपीसी धारा 376/328) के आरोप में दर्ज एक FIR को रद्द कर दिया है। कोर्ट ने माना कि शिकायतकर्ता के आरोप “घोर विरोधाभासों से भरे” (riddled with flagrant inconsistencies) थे और उनके पास पुख्ता सबूतों का अभाव था। जस्टिस
