न्यायमूर्ति भास्कर राज प्रधान की अध्यक्षता वाले सिक्किम हाईकोर्ट ने कहा है कि आपराधिक न्यायालय स्पष्टीकरण/संशोधन की आड़ में अपने ही आदेश की समीक्षा नहीं कर सकता है इस मामले में याचिकाकर्ता के रूप में ईस्टर्न इंस्टीट्यूट फॉर इंटीग्रेटेड लर्निंग इन मैनेजमेंट यूनिवर्सिटी (ईआईआईएलएम यूनिवर्सिटी) और अन्य उत्तरदाताओं के साथ प्रवर्तन निदेशालय के संयुक्त निदेशक
