सीजेआई सूर्य कांत ने सभी हाई कोर्ट से सोमवार और शुक्रवार को वर्चुअल सुनवाई करने की अपील की

पश्चिम एशिया में जारी संकट के बीच ईंधन और सरकारी खर्चों को बचाने के लिए भारतीय न्यायपालिका ने एक बड़ा कदम उठाया है। भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्य कांत ने देश के सभी उच्च न्यायालयों (High Courts) के मुख्य न्यायाधीशों से अनुरोध किया है कि वे सोमवार और शुक्रवार को अदालती कार्यवाही ऑनलाइन (वर्चुअल) माध्यम से संचालित करें।

यह कदम अनावश्यक खर्चों को कम करने और ईंधन की खपत को नियंत्रित करने के उद्देश्य से उठाया गया है। इससे पहले, सुप्रीम कोर्ट ने खुद 15 मई को फैसला लिया था कि वह सप्ताह के इन दो दिनों में केवल वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए ही मुकदमों की सुनवाई करेगा।

पीएम मोदी की अपील और सुप्रीम कोर्ट की पहल

न्यायपालिका का डिजिटल मोड की तरफ यह झुकाव प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा की गई उस देशव्यापी अपील के बाद आया है, जिसमें उन्होंने पश्चिम एशिया संकट के कारण राष्ट्रीय संसाधनों पर पड़ रहे असर को देखते हुए अनावश्यक सरकारी खर्चों में कटौती करने को कहा था।

इस दिशा में अनुकरणीय कदम उठाते हुए सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीशों ने न केवल हफ्ते में दो दिन वर्चुअल कोर्ट में शिफ्ट होने का फैसला किया, बल्कि ईंधन के अधिकतम और कुशल उपयोग के लिए आपस में ‘कार-पूलिंग’ (साझा गाड़ी) करने का भी सर्वसम्मत संकल्प लिया है।

कानूनी बिरादरी ने की सराहना, तकनीक का दिखा शानदार तालमेल

अदालतों को ऑनलाइन मोड पर ले जाने के इस फैसले को कानूनी जगत से भी भारी समर्थन मिल रहा है। सोमवार को सुनवाई के दौरान देश के वरिष्ठ अधिवक्ता मुकुल रोहतगी ने तकनीक के इस सहज समन्वय और बेहतर क्रियान्वयन के लिए मुख्य न्यायाधीश की सराहना की।

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वरिष्ठ अधिवक्ता रोहतगी ने कहा, “मैं ऑनलाइन सुनवाई के इस कदम के लिए मुख्य न्यायाधीश को बधाई देता हूं। आज सभी अदालतों में कार्यवाही बेहद सुचारू रूप से चली है।” उन्होंने आगे कहा कि डिजिटल माध्यम से न्यायिक प्रक्रिया में कोई बाधा नहीं आई। उन्होंने जजों के रवैये की तारीफ करते हुए कहा, “वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान हर जज ने अतिरिक्त धैर्य दिखाया और पूरी प्रक्रिया बहुत आसान रही।”

इसके साथ ही रोहतगी ने इस व्यवस्था को पूरे देश में लागू करने की वकालत करते हुए कहा, “मैं आग्रह करता हूं कि देश के सभी हाई कोर्ट भी इसी व्यवस्था को अपनाएं।”

सरकार के सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने भी रोहतगी की इस बात का पुरजोर समर्थन किया और कोर्ट में कहा, “मैं अपने विद्वान मित्र की इन बातों से पूरी तरह सहमत हूं।”

देशव्यापी स्तर पर विस्तार की तैयारी

अदालत में वरिष्ठ वकीलों की ओर से मिली इस सकारात्मक प्रतिक्रिया पर प्रतिक्रिया देते हुए सीजेआई सूर्य कांत ने बताया कि इस डिजिटल मॉडल को पूरे देश में लागू करने की प्रक्रिया पहले ही शुरू की जा चुकी है।

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मुख्य न्यायाधीश ने खुलासा किया, “पिछले शुक्रवार को ही मैंने सभी उच्च न्यायालयों के मुख्य न्यायाधीशों से अनुरोध किया है कि वे भी फिलहाल के लिए, यदि संभव हो, तो सोमवार और शुक्रवार को इसी ऑनलाइन सुनवाई के मॉडल को अपनाएं।”

आमतौर पर सोमवार और शुक्रवार के दिन कोर्ट में विविध (miscellaneous) मामलों की सुनवाई होती है, जिनमें संक्षिप्त और शुरुआती दलीलें दी जाती हैं। ऐसे में इन दो दिनों को वर्चुअल मोड पर डालने से वकीलों, याचिकाकर्ताओं और अदालती कर्मचारियों को बेवजह यात्रा नहीं करनी पड़ेगी, जिससे भारी मात्रा में ईंधन और प्रशासनिक खर्चों की बचत होगी।

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