कलकत्ता हाईकोर्ट की एकल पीठ ने कथित अवैध बालू और पत्थर कारोबारी मोहम्मद नजीबुद्दीन मंडल उर्फ तुलु मंडल की चार आपराधिक पुनरीक्षण याचिकाओं पर सुनवाई से खुद को अलग कर लिया है। न्यायमूर्ति सौगत भट्टाचार्य ने सोमवार को इन सभी मामलों को अपनी अदालत की सूची से मुक्त करते हुए निर्देश दिया कि इन्हें उचित आदेश के लिए चीफ जस्टिस के समक्ष पेश किया जाए।
न्यायमूर्ति भट्टाचार्य ने स्पष्ट किया कि उनकी पीठ 22 सितंबर को तुलु मंडल की एक याचिका पहले ही खारिज कर चुकी है। उस याचिका के निस्तारण के बाद अब उनकी अदालत में मंडल से जुड़ा कोई अन्य मामला लंबित नहीं है। ऐसे में इन याचिकाओं को उनकी पीठ के समक्ष रखने का कोई औचित्य नहीं बनता।
याचिकाओं के स्थानांतरण का घटनाक्रम
इससे पहले हाईकोर्ट की एक अन्य समन्वय पीठ ने 21 सितंबर को इन चार पुनरीक्षण याचिकाओं की सुनवाई से खुद को अलग कर लिया था। उस समय समन्वय पीठ ने यह हवाला दिया था कि तुलु मंडल से जुड़े अन्य मामले न्यायमूर्ति भट्टाचार्य की अदालत में विचाराधीन हैं।
इसके बाद इन चारों मामलों को न्यायमूर्ति भट्टाचार्य की एकल पीठ को स्थानांतरित कर दिया गया था। हालांकि, पुराना मामला पहले ही तय हो जाने के कारण न्यायमूर्ति भट्टाचार्य ने अब पूरी फाइल चीफ जस्टिस के पास भेजने का आदेश दिया ताकि वे इन पर आगे का आवंटन तय कर सकें।
वारंट और भगोड़ा घोषित करने के आदेश में दखल से इनकार
गौरतलब है कि 22 सितंबर को दिए फैसले में न्यायमूर्ति भट्टाचार्य ने तुलु मंडल की उस अर्जी को खारिज कर दिया था, जिसमें निचली अदालत द्वारा जारी गिरफ्तारी वारंट और उसे भगोड़ा घोषित करने के आदेश को चुनौती दी गई थी।
हाईकोर्ट ने निचली अदालत के आदेश में हस्तक्षेप करने से साफ इनकार कर दिया था। अदालत ने अपने अवलोकन में दर्ज किया था कि जांच एजेंसियों के रिकॉर्ड के अनुसार तुलु मंडल 23 मई को ही भारत छोड़कर विदेश जा चुका है।
सहयोगी के ठिकाने से 50 करोड़ रुपये की संपत्ति बरामद
तुलु मंडल के खिलाफ यह अदालती कार्रवाई पश्चिम बंगाल में चल रही एक व्यापक पुलिस जांच से जुड़ी है। जांच के दौरान पुलिस ने राज्य के बीरभूम जिले में स्थित मोहम्मद बाजार इलाके में मंडल के एक कथित सहयोगी के आवास पर छापेमारी की थी।
इस तलाशी अभियान में पुलिस ने 5 किलोग्राम सोने की छड़ें और 28.53 करोड़ रुपये से अधिक की नकदी जब्त की थी। बरामद सोने और नकदी का कुल मूल्य लगभग 50 करोड़ रुपये आंका गया है।

