कलकत्ता हाईकोर्ट ने रबर केमिकल निर्माता NOCIL लिमिटेड को प्रोसेस पेटेंट के कथित उल्लंघन और गोपनीय जानकारी के दुरुपयोग से जुड़े मामले में अंतरिम राहत दी है। अरविंद मफतलाल समूह की कंपनी NOCIL ने Finorchem लिमिटेड और अपने एक पूर्व कर्मचारी के खिलाफ मुकदमा दायर किया है।
न्यायमूर्ति रवि कृष्ण कपूर ने अक्टूबर में पारित आदेश में कहा कि NOCIL ने अंतरिम राहत प्राप्त करने के लिए प्रथम दृष्टया मजबूत मामला प्रस्तुत किया है। कोर्ट ने पाया कि सुविधा का संतुलन भी कंपनी के पक्ष में है और अंतरिम संरक्षण नहीं मिलने पर उसे अपूरणीय क्षति हो सकती है।
यह विवाद 4-अमीनोडाइफेनिलामाइन (4-ADPA) नामक रसायन के निर्माण की प्रक्रिया से संबंधित पेटेंट को लेकर है। NOCIL का दावा है कि इस रसायन के निर्माण की विशेष प्रक्रिया पर उसके पेटेंट अधिकार हैं।
पेटेंट उल्लंघन और गोपनीय जानकारी के दुरुपयोग का आरोप
NOCIL ने हाईकोर्ट में आरोप लगाया कि Finorchem और उसके एक पूर्व कर्मचारी ने उसके पेटेंट अधिकारों का उल्लंघन किया और गोपनीयता भंग की।
कंपनी ने अंतरिम आवेदन के माध्यम से अपने पेटेंट अधिकारों की सुरक्षा के साथ-साथ प्रतिवादियों को उसकी गोपनीय व्यावसायिक जानकारी और व्यापारिक रहस्यों के दुरुपयोग से रोकने की मांग की।
NOCIL के अनुसार, वर्ष 2012 के आसपास उसने 4-ADPA के निर्माण के लिए एक नई और औद्योगिक उपयोग के योग्य प्रक्रिया विकसित की थी।
इस रसायन का इस्तेमाल रबर और पॉलिमर उत्पादों में एंटीऑक्सीडेंट के रूप में किया जाता है। इसके अतिरिक्त, अन्य एंटीऑक्सीडेंट के निर्माण में भी इसका उपयोग एक मध्यवर्ती रसायन के रूप में होता है।
कंपनी ने बताया कि उसने बाद में 4-ADPA की निर्माण प्रक्रिया की दक्षता और अन्य महत्वपूर्ण विशेषताओं में भी सुधार किया। NOCIL का कहना है कि उसने अपने आविष्कारों का पेटेंट पंजीकरण कराया है, जिससे उसे इनके उपयोग और व्यावसायिक इस्तेमाल का विशेष अधिकार प्राप्त हुआ है।
Finorchem ने पेटेंट की वैधता पर सवाल उठाया
Finorchem की ओर से दलील दी गई कि किसी पेटेंट का पंजीकरण मात्र यह साबित नहीं करता कि वह पेटेंट अधिनियम, 1970 के तहत प्रथम दृष्टया वैध है।
कंपनी ने इस आधार पर NOCIL के पंजीकृत पेटेंट को अंतरिम संरक्षण देने के औचित्य पर सवाल उठाया।
हाईकोर्ट ने अंतरिम राहत को उचित माना
दोनों पक्षों की दलीलों पर विचार करने के बाद न्यायमूर्ति रवि कृष्ण कपूर ने पाया कि NOCIL अंतरिम संरक्षण के लिए प्रथम दृष्टया मजबूत मामला स्थापित करने में सफल रही है।
कोर्ट ने कहा कि सुविधा का संतुलन NOCIL के पक्ष में है और अंतरिम राहत नहीं मिलने से कंपनी को ऐसी क्षति हो सकती है, जिसकी भरपाई संभव नहीं होगी।
इन निष्कर्षों के आधार पर हाईकोर्ट ने Finorchem और NOCIL के पूर्व कर्मचारी के खिलाफ चल रहे मुकदमे में कंपनी के पक्ष में अंतरिम निषेधाज्ञा जारी की।
