कांजुरमार्ग डंपिंग ग्राउंड को बंद करने की बॉम्बे हाईकोर्ट की चेतावनी; ‘जीने के अधिकार’ का उल्लंघन बताया

बॉम्बे हाईकोर्ट ने शुक्रवार को महाराष्ट्र सरकार और बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा है कि वह उपनगरीय कांजुरमार्ग में स्थित डंपिंग ग्राउंड को बंद करने का आदेश दे सकता है। प्रदूषण और स्वास्थ्य जोखिमों के प्रति अधिकारियों के “कैजुअल रवैये” पर नाराजगी जताते हुए हाईकोर्ट ने कहा कि साइट का कुप्रबंधन संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत नागरिकों को मिले ‘जीने के अधिकार’ का संभावित उल्लंघन है।

जस्टिस गिरीश कुलकर्णी और जस्टिस आरती साठे की बेंच स्थानीय निवासियों द्वारा दायर की गई याचिकाओं पर सुनवाई कर रही थी। इन याचिकाओं में डंपिंग ग्राउंड के आसपास रहने वाले लोगों के लिए लगातार आने वाली दुर्गंध, खतरनाक गैस उत्सर्जन और बढ़ते स्वास्थ्य जोखिमों पर गंभीर चिंता व्यक्त की गई है।

सुनवाई के दौरान बेंच ने इस बात पर गहरा असंतोष जताया कि राज्य और नागरिक निकाय ने पिछले कई दशकों से कचरा प्रबंधन के मुद्दे को किस तरह संभाला है।

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बेंच ने कड़ी टिप्पणी करते हुए कहा, “यह समय की मांग है कि हम मानव जीवन की कद्र करें। हम इस पर एक विस्तृत आदेश पारित करेंगे… इस डंपिंग साइट को बंद करने के अलावा और कोई विकल्प नहीं बचेगा।”

हाईकोर्ट ने यह भी चेतावनी दी कि यदि अधिकारियों की लापरवाही के कारण अनुच्छेद 21 का उल्लंघन स्थापित होता है, तो सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। बेंच ने इस स्थल को “सबसे खराब डंपिंग ग्राउंड” करार दिया और कहा कि दशकों से किए गए अस्थायी उपाय नागरिकों के लिए कोई ठोस परिणाम देने में विफल रहे हैं।

हाईकोर्ट ने विशेष रूप से लैंडफिल से होने वाले मीथेन ($CH_4$) उत्सर्जन के खतरों पर ध्यान केंद्रित किया। कोर्ट ने उल्लेख किया कि यह गैस पर्यावरण के लिए कार्बन डाइऑक्साइड ($CO_2$) की तुलना में कहीं अधिक हानिकारक है।

बेंच ने पाया कि अधिकारियों के कुप्रबंधन के कारण होने वाले ऐसे उत्सर्जन के दीर्घकालिक दुष्प्रभाव अभी भी स्पष्ट रूप से ज्ञात नहीं हैं। अदालत ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे उपलब्ध वैज्ञानिक शोधों का अध्ययन करें और प्रदूषण को कम करने के लिए आधुनिक एवं वैज्ञानिक उपाय अपनाएं।

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महाराष्ट्र सरकार और बीएमसी को सोमवार तक हलफनामा दाखिल कर यह बताना होगा कि प्रदूषण को रोकने के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं। मामले की अगली सुनवाई सोमवार को होगी।

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